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Agra News: जयमाला के बाद दिया बेटी को आर्शीवाद, फिर पिता को ऐसे आई मौत, किसी को यकीन नहीं हुआ

Thu, 23 Feb 2023 10:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

वरमाला के बाद पिता की हालत बिगड़ गई। घर के अन्य सदस्य उसे उपचार के लिए सीएचसी ले गए, जहां पिता की सांसें थम गईं।
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डोली, अर्थी (सांकेतिक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बाह में बेटी को विदा करने से पहले पिता की सांसें थम गईं। घर में खुशियों का माहौल पलभर में ही मातम में बदल गया। बेटी की डोली उठने के बाद पिता की अर्थी सजती देखने वालों की आंखों से आंसू बह निकले। शादी की खुशियों के मंगल गीतों की जगह पर कोहराम मच गया।

भजनपुरा गांव में आई थी बरात

बुधवार की रात कल्यानपुर भरतार के सतेंद्र सिंह (50) की बेटी रौली की बरात अंबा के भजनपुरा गांव से आई थी। बरात चढ़ाई के बाद हंसी खुशी के माहौल में बारौठी हुई। दावत के बाद वरमाला हुई। वरमाला के समय सतेंद्र सिंह ने पत्नी छुन्ना देवी के संग वर कन्या को आशीर्वाद दिया। शादी की दूसरी रश्में शुरू होने से पहले ही सतेंद्र सिंह को घबराहट और बेचैनी हुई। आनन-फानन में परिजन उन्हें इलाज के लिए बाह सीएचसी ले पहुंचे। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 
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बेटी को नहीं दी पिता की मौत की खबर 

बेटी को बीमार होने की जानकारी देकर शादी के सात फेरे कराए और विदाई कर दी। विदाई के बाद सीएचसी से शव को घर पर ले जाया गया। शव पहुंचते ही शादी के मंगल गीतों का शोर थम गया। खुशी की जगह पर परिवार में मातम पसर गया। गमगीन माहौल में अंत्येष्टी कर दी गई। मुखाग्नि बेटे छोटू ने दी। कल्यानपुर भरतार गांव शोक में डूब गया है।

चमरौला में हुआ दरोगा का अंतिम संस्कार

सोरों कोतवाली में तैनात चमरोला के दरोगा त्रिमल सिंह का शव सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला था। सूचना पर परिजन कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार को त्रिमल सिंह का शव गांव चमरौला पहुंचा, जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव चमरौला निवासी सब इंस्पेक्टर त्रिमल सिंह जनपद कासगंज की सोरों कोतवाली में कस्बा इंचार्ज के पद पर तैनात थे। बुधवार की देर शाम उनका शव सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने बुधवार रात को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया। बृहस्पतिवार की सुबह दारोगा का शव जैसे गांव चमरौला आया तो परिजन में चीत्कार मच गई। परिजन इस हादसे के बारे में कुछ भी नहीं बता रहे है। परिजन ने बताया कि वह 5 भाइयों में बड़े थे। दो भाई भी कासगंज पुलिस में तैनात है। उनका परिवार प्रयागराज में रहता है। उनके तीन बेटे प्रयागराज में ही पढ़ाई कर रहे हैं। 
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