राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर देहात क्षेत्र में भी बच्चों को दवा खिलाई गई। फतेहाबाद में दवा खाकर 11 बच्चे बीमार पड़ गए। इसकी जानकारी होते ही हड़कंप मच गया। आननफानन में सीएचसी के डाक्टरों ने स्कूल पहुंचकर उपचार किया। आधे घंटे बाद सभी बच्चे ठीक हो गए।
प्राथमिक विद्यालय फतेहाबाद प्रथम में बुधवार दोपहर 12 बजे 102 बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्बेडांजॉल खिलाई गयी। इसके करीब 15 मिनट बाद ही 11 बच्चों ने पेट और सिर में दर्द की शिकायत की। प्रवीन, हिमांशी, पूजा, अर्चना, नगमा, वंदना, मनोरमा, रंजना, लक्ष्मी, मोहिनी, आदेश को परेशानी होने पर अध्यापकों ने तत्काल सूचना सीएचसी फतेहाबाद को दी। अधीक्षक डा. शरत चंद्र केशरी, डा. कुलदीप स्वास्थ्य कर्मियों के साथ एंबुलेंस लेकर स्कूल पहुंच गए। उन्होंने बीमार बच्चों की जांच कर आवश्यक दवाएं दी और ग्लूकोज, बिस्किट आदि खिलाए। इसके बाद धीरे-धीरे सभी बच्चों की हालत सामान्य हो गई। डा. केशरी ने बताया कि जिन बच्चों के पेट में कीडे़ होने पर दवा का असर शुरू होते ही कीडे़ मूवमेंट करते हैं तब दर्द की शिकायतें आती है। उन्होंने बताया कि अन्य किसी स्कूल में ऐसी शिकायत नहीं मिली है।
बाह और जैतपुर के परिषदीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक से 19 साल तक के लगभग 1250 बच्चों को दवा दी गई। बाह के अधीक्षक डा. धीरेन्द्र कुमार और जैतपुर के अधीक्षक डा. ब्रजेश कुमार ने बताया कि छूटे बच्चों को 15 फरवरी को दवा खिलायी जायेगी। इन ब्लाक क्षेत्रों में कहीं से किसी बच्चे की सेहत खराब होने की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शौच के बाद और खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोने चाहिए। फतेहपुर सीकरी में 18000 बच्चों को दवा दी गई। यहां बच्चों को स्वच्छता बरतने और स्वच्छ पेयजल पीने के लिये प्रेरित किया गया। पिनाहट, हुसैनपुरा, देवगढ़, पडुआपुरा आदि स्कूलों में भी बच्चों को दवा खिलाई गई।