कासगंज। इस बार जनपद में पिछले गेहूं की बंपर खरीद हुई है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार किसानों से क्रय केंद्रों पर दोगुनी से भी अधिक खरीद की जा चुकी है। किसानों को इस बार 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दाम दिए गए हैं।
जनपद में गेहूं की खरीद के लिए 57 क्रय केंद्र बनाए गए। यहां किसानों से गेहूं की उपज की खरीद की जा रही है। जिनमें खाद्य विभाग के 10, पीसीएफ के 45, मंडी परिषद का 1, भारतीय खाद्य निगम का 1 क्रय केंद्र हैं। एक अप्रेल से गेहूं के लिए खरीद केंद्र खोले गए थे।
पिछले वर्ष 14 मई तक जनपद में किसानों से 8968 मीट्रिक टन की खरीद सरकारी केंद्रो पर की गई थी। लेकिन इस बार अभी तक 18045 मीट्रिक टन खरीद किसान केंद्रो पर की जा चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दो गुनी से अधिक खरीद हो चुकी है। सबसे अधिक खरीद पीसीएफ के केंद्रो पर हुई। इन पर 13187 मीट्रिक टन की खरीद की गई।
2549 लाख रुपयों का हो चुका है भुगतान
जनपद के सरकारी खरीद केंद्रो पर 3461 किसानों ने अपनी गेहूं की उपज को केंद्रों पर बेचा। उन्हें एमएसपी पर अब तक 2549 लाख रुपयों का भुगतान किया जा चुका है।
फैक्ट फाइल
- 18045 मीट्रिक टन इस वर्ष हो चुकी है खरीद
- 8968 मीट्रिक टन पिछले वर्ष अब तक हुई थी खरीद
- 57 सरकारी खरीद केंद्र हैं जनपद में
- 3461 किसान अभी तक हो चुकी हैं लाभान्वित
किसानों का किया जा रहा है सहयोग
खरीद केंद्रो के शुरु होने से ही व्यापक प्रचार-प्रसार किया था। किसानों को एमएसपी गेहूं की बिक्री के लिए जागरूक किया गया। जिसके चलते इस बार दोगुनी खरीद हुई है। खरीद केंद्रो पर भी किसानों को पूर्ण सहयोग किया जा रहा है। किसान अपनी उपज का पूरा मूल्य लेने के लिए सरकारी केंद्रो पर ही उपज की बिक्री करें। -राकेश कुमार, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।