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आलू की कीमत में भारी गिरावट, परेशान किसान, इस बार भी फेंकने पड़े सकते हैं आलू

Sun, 18 Nov 2018 04:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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फाइल फोटो
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आलू के दाम धड़ाम होने से आगरा के किसानों की हवाइयां उड़ी हुई हैं। पिछले 15-20 दिन में आलू की कीमत 20 से 30 फीसदी तक कम हो गई है। किर्री आलू को तो कोई खरीददार ही नहीं मिल रहा है। आलू फेंकने की संभावना बढ़ गई है। 

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जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर जमीन पर आलू बोया गया। पैदावार की बात करें तो लगभग 4.50 करोड़ आलू के पैकेट कोल्ड स्टोरेज में जमा हुए। जहां छट्टा आलू के भाव दिवाली से पहले 1400- 1600 रुपये प्रति, गुल्ला के 800-900 रुपये और किर्री के 600 रुपये प्रति क्विंटल के मिल रहे थे। 

दिवाली के बाद अब आलू की कीमत एकदम गिरी है। अब दाम 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक हो गया है। दूसरे नंबर के आलू गुल्ला की कीमत 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल रहे हैं। मंडी में पंजाब से नया आलू भी आ गया है। 
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इधर, शीतगृह में 10 से 15 फीसदी आलू जमा है। किर्री की तो कोई कीमत भी नहीं मिल रही। आलू किसान विकास समिति के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने बताया कि आलू के प्रति क्विंटल पर 400 रुपये तक कम हो गए हैं। आलू फेंकना पडे़गा। 

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अंतिम तिथि के चलते तेजी से हुई आलू की निकासी

शीतगृह में आलू 30 नवंबर तक रखे जाने की मियाद है। ऐसे में शीतगृह स्वामियों ने किसानों को आलू निकासी जल्द करने को कहा। किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि कई शीतगृह तो समय से पहले ही बंद कर दिए हैं, इसके चलते आलू खराब न हो जाए, किसानों ने निकासी तेजी से की और बाजार में आलू एकमुश्त पहुंचा। 

आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदर्शन सिंघल का कहना है कि अभी लगभग 15 फीसदी आलू जमा हो सकता है। शीतगृह में मरम्मत कार्य भी करने पड़ते हैं, जिसके चलते किसानों को निकासी के लिए कहा जा रहा है। आलू उत्पादक किसान समिति के महासचिव मोहम्मद आलमगीर का कहना है कि दिसंबर तक आलू निकासी की अंतिम तिथि रखनी चाहिए। 

बरौली अहीर निवासी किसान धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आलू के दामों में 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हो गए हैं। आलू निकासी के लिए शीतगृह मालिक दबाव बना रहे हैं, जिससे मंडी में एक साथ आलू आ गया। किसान गोरेलाल उपाध्याय का कहना है कि किर्री आलू की कीमत से तो ज्यादा भाड़ा बन रहा है। ऐसे में किर्री आलू को फेंकने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा है। 
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