बिचपुरी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चल रहा है। ब्लॉक अछनेरा के गांव गोबरा में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे, पशुपालन विशेषज्ञ धर्मेंद्र सिंह चौहान और शस्य वैज्ञानिक डॉ. अंकुर त्रिपाठी ने किसानों को मृदा परीक्षण का महत्व बताया। अनुपम दुबे ने कहा कि बिना जांच लगातार रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है, इसलिए आवश्यकता के अनुसार ही खाद का इस्तेमाल जरूरी है। अभियान में जैव उर्वरक, हरी खाद और फसल अवशेषों के उपयोग को बढ़ावा दिया गया।