महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन के हिंसक होने से अब इसका असर पड़ना शुरू हो गया है। तीन दिनों से सब्जी और फल मंडी में सब्जियों और फल की आवक प्रभावित हुई है, जिससे इनके दाम में उछाल आना शुरू हो गया है। हिंसक आंदोलन के कारण ट्रांसपोर्टर भी महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश ट्रक भेजने में कतरा रहे हैं।
महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की आपूर्ति पूरे देश की मंडियों में होती है। इस साल प्याज की बंपर पैदावार के कारण थोक में दाम बेहद कम थे। खुदरा में भी प्याज 8 से 12 रुपये किग्रा के भाव पर थी, लेकिन तीन दिनों में प्याज के दाम बढ़कर 16 रुपये हो गये हैं। खुदरा व्यापारियों ने प्याज का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। हालांकि राजस्थान से भी प्याज की आवक है, लेकिन नासिक की प्याज की मांग ही ज्यादा है।
इन दोनों राज्यों से अदरक, अंगूर, संतरा, मौसमी, नीबू, टमाटर और प्याज की ज्यादा आपूर्ति आगरा समेत यूपी के कई शहरों में है। इसी तरह महाराष्ट्र के नारायणगांव से टमाटर की आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। सप्ताह भर में टमाटर के दाम तीन गुने हो गए। टमाटर दस रुपये से बढ़कर 30 रुपये किलो तक खुदरा बाजार में है।
फल मंडी के कन्हैया लाल मानवानी ने बताया कि नासिक से अंगूर लाने वाली गाड़ियों के सामने दिक्कतें आ रही हैं, तो वहीं प्याज के ट्रक भी कम आ रहे हैं। आगरा से आलू की आपूर्ति महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की मंडियों में काफी होती है। इन तीन दिनों में इस पर भी असर पड़ा है। आलू के ट्रकों की आपूर्ति में करीब 30 फीसदी की गिरावट आई है।