एटा। किसान आंदोलन की तपिश अब जिले तक पहुंचने लगी है। शनिवार को प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर रहे किसान सभा के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं के हाथों से जलता हुआ पुतला छीनकर उसे बुझा दिया। भाकियू ने कलक्ट्रेट में सभा कर आठ दिसंबर को भारत बंद की रणनीति बनाई, जबकि अखिल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी ने मंडी में जनसंपर्क कर भारत बंद को सफल बनाने की अपील की।
कृषि कानूनों के विरोध में कचहरी चौराहे पर उप्र किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से पुतला छीनने को लेकर कार्यकर्ताओं की जद्दोजहद हुई। वक्ताओं ने कहा कि जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं लिए जाते आंदोलन जारी रहेगा। राजाराम यादव, चौब सिंह धनगर, एदल सिंह, इरफान अली, योगेश कुमार बघेल, महीपाल सिंह, कौशल किशोर यादव, जगदीश राघव, रमेश बाबू यादव, सर्वेंद्र यादव और फहीम आदि मौजूद रहे।
कलक्ट्रेट धरना स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) के कार्यकर्ताओं ने भारत बंद की रणनीति बनाई। एसडीएम को दिए ज्ञापन में कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इसमें ओमप्रकाश, महेश चंद, जुगेश कुमार, रमेश कुशवाह, रामप्रकाश वर्मा, रामगोपाल, रनवीर सिंह, जयपाल बसिंह, चंद्रकली और श्यामा बेगम आदि मौजूद रहीं।
वहीं अखिल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्ष ने शनिवार को मंडी में आढ़तियों और किसानों से जनसंपर्क किया। उनसे कृषि कानून के विरोध में आठ दिसंबर को होने वाले भारत बंद में समर्थन मांगा, बताया कि व्यापार मंडलों के साथ भी बैठक कर बाजार बंद में समर्थन मांगा जाएगा। भाकियू भानु के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के आह्वान पर कार्यकर्ता भारत बंद की तैयारियों में जुटे हुए हैं।