ककरऊ कोठी चौराहा से दौलतपुर मार्ग पर बिना पानी के खाली पड़ा रफ़रोजाबाद हाथरस रजवाह
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फिरोजाबाद। जिले की राजमल न्याय पंचायत से शुरू होकर अंतिम छोर यानि फतेहपुर लुहारी ब्लॉक सदर तक करीब 55 गांवों के हजारों किसानों को रजबहा में बड़े ही मुद्दतों से पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अफसरों ने भी हाथरस-फिरोजाबाद माइनर तक सिंचाई योग्य पानी पहुंचाने में असमर्थता जताई है। पानी न पहुंचने के कारण किसान खेतों की सिंचाई के लिए निजी संस्थानों पर निर्भर हैं।
जिला के तीन ब्लॉक क्षेत्रों के करीब 48 किलोमीटर क्षेत्र में फसल की सिंचाई के लिए एक मात्र साधन हाथरस-फिरोजाबाद माइनर का पानी फिरोजाबाद स्थित दौलतपुर ग्राम पंचायत से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। टूूंडला नारखी के अलावा फिरोजाबाद ब्लॉक के करीब 260 गांव व पंचायतों में खेतों की सिंचाई का एक मात्र साधन इस माइनर का पानी विगत 1989 के बाद सही दौलतपुर से आगे नहीं बढ़ सका। इस कारण से फिरोजाबाद ब्लॉक के लालऊ, दीदामई, लालपुर में खेती योग्य आंशिक एवं इससे आगे खंजापुर, गांजीपुर, जमालपुर एवं लुहारी-फतेहपुर तक बसे करीब 50-55 गांव की खेतीबाड़ी की सिंचाई किसानों के निजी संसाधनों पर निर्भर है।
हाथरस-फिरोजाबाद रजबहा के कुछ खास तथ्य-
-ककरउ कोठी से लेकर लुहारी तक पानी की उपलब्धता से सैकड़ों गांव व नई आबादी में भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने एवं खारे पानी की समस्या का समाधान में सहायता मिलती।
- पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं होने के कारण गांगिनी, ढोलपुरा, कायथा लिंक रजबहा लगभग दस वर्ष सूखे पड़े हैं।
- दौलतपुर पर रजबहा के ऊपर बनी पुलिया को वर्ष 2007 में सड़क निर्माण के दौरान तोड़ा गया।लगभग 13 वर्ष की अवधि में उक्त पुलिया क्यों नहीं बनी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
हाथरस माइनर का पानी रजबहा के अंतिम छोर तक पहुंचाने में कई दिक्कत हैं। रामगढ व रसूलपुर क्षेत्र में आबादी एवं कई जगहों पर बंबा की पटरी का आकार संकुचित होने के कारण ककरउ कोठी से आगे पानी छोड़ने में कई दिक्कतें हैं।
जितेद्र कुमार एक्सईन सिंचाई खंड