उत्तर प्रदेश के आगरा में इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल में रहनकला सहित चार गांवों के किसानों को भूमि अधिग्रहण के 13 साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। अब इनको सात गुना भुगतान किया जाएगा।
विधानसभा की प्रतिनिहित विधायन समिति की प्रथम उपसमिति सभापति अमित अग्रवाल व सदस्य महेश त्रिवेदी, गणेश चंद्र, विवेक कुमार एवं भगवान सिंह कुशवाह की एडीए, आवास विकास व अन्य विभागों की योजनाओं की समीक्षा के दौरान इस बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी। इन गांवों के किसानों को भूमि अधिग्रहण के 13 साल बाद भी मुआवजा नहीं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई।
सभापति अमित अग्रवाल ने अधिकारियों से पूछा, क्या तुम्हें मालूम है प्रभावित किसानों ने क्या-क्या समस्याएं झेली होंगी। उन्होंने तत्काल मय ब्याज भुगतान के निर्देश दिए। एडीए अधिकारियों ने बताया कि सात गुना मुआवजा दिया जा रहा है।
खेरागढ़ विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने यह शिकायत सभापति से दर्ज कराई थी। जिसके बाद सभापति ने जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी, एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ व अन्य अधिकारियों से भूमि अधिग्रहण में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की। रहनकला, रायपुर, एत्मादपुर मदरा व बु़ढ़ाना में 612 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण वर्ष 2010 में हुआ था।
समिति ने 521 हेक्टेयर में प्रस्तावित अरतौनी योजना की समीक्षा की। इसमें बताया कि वर्ष 2015 से मामला मध्यस्थता में लंबित है। कमला नगर के लंबित प्रकरण भी जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में प्राप्त आवेदन व निरस्त फार्म, राष्ट्रीय आश्रम पद्धति के विद्यालय, वृद्धावस्था पेंशन आदि योजनाओं की समीक्षा की गई। एडीएम प्रशासन अजय कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आनंद कुमार, डीडीओ विकास रंजन व समिति के अजीत शर्मा, निखिल गुप्ता, साकेत कुमार आदि मौजूद रहे।