प्रभारी निरीक्षक नौहझील श्याम सिंह ने बताया कि उन्हें 11 बजे सूचना दी गई थी। जब वह पहुंचे तो शव को पेड़ से उतार लिया गया था। मामला आत्महत्या का लग रहा है। परिवार के लोगों से जब पूछा गया तो बताया कि किसान बैंक का लोन होने से परेशान रहता था।
परिवार वालों के अनुसार रामेश्वर के पिता चौखेलाल ने 2013 में जमीन पर किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन लिया था। दो साल पहले रामेश्वर के पिता का निधन हो गया था। लोन का कर्ज बढ़ने लगा था।
इस कारण रामेश्वर इस ऋण माफी के लिए बैंक के चक्कर लगा रहा था। एक दिन पहले ही वह हसनपुर में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में भी गया था। वहां उसने आवेदन भी किया था। लेकिन अभी कुछ हो नहीं पाया था।
परिवार वालों ने बताया कि सुबह ही रामेश्वर घर से निकल गया था। गांव के लोगों ने ही उसका शव पेड़ से लटका देखा था। एडीएम वित्त एवं राजस्व रविंद्र कुमार ने इस मामले तहसील प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।
परिवार में मचा कोहराम
किसान की मौत से परिवार वाले बेहाल हो गए। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। घर वालों ने बताया कि रामेश्वर ऐसा कदम उठा सकते हैं कोई सोच भी नहीं सकता था।
रामेश्वर के दो बेटे और एक बेटी है। जब इन लोगों को जानकारी हुई तो सभी भागकर मौके पर पहुंच गए थे। इन सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। जब पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो गांव के लोगों की भीड़ लग गई।