सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले प्रशासन ने किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया। पुलिस को आशंका थी कि किसान प्रदर्शन कर सकते हैं, वहीं नेताओं ने इसे आवाज दबाने की कार्रवाई बताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा दौरे पर आ रहे हैं। इसी बीच सोमवार को किसान नेता विपिन यादव की नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसानों को एकत्रित कर बैठक आयोजित की गई थी। इसके बाद बैठक धरने में तब्दील हो गई थी। किसानों ने ऐलान किया था कि वह मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ का उड़न खटोला नहीं उतरते देंगे। जिसको लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया और किसानों से वार्ता की गई थी।
एसडीएम सुमित कुमार सिंह व एसीपी देवेश कुमार की तमाम कोशिशों के बाद किसान नेताओं को समझाया गया। जिस पर वे धरना समाप्त करने को राजी हो गए और धरना समाप्त कर दिया। पुलिस प्रशासन को अंदेशा था कि किसान कहीं मुख्यमंत्री की सभा में न पहुंच जाएं। जिससे पुलिस मंगलवार को सुबह तड़के किसान नेताओं के घर पहुंच गई और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। किसान नेता विपिन यादव और अंशुमन ठाकुर ने बताया कि सरकार किसानों की आवाज को दबाने का काम कर रही है। लेकिन किसान दबने वाला नहीं है।