किसान नेता का कहना था कि सरकारी खरीद केंद्रों पर माफिया का कब्जा है। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम न मिलने से वे आहत है। इसके खिलाफ मंडी समिति परिसर में अपनी उपज में आग लगाकर आत्मदाह करेंगे।
मंडी समिति परिसर में बाजरे के खरीद केंद्र पर ट्रॉली में लदे बाजरे में आग लगाकर आत्मदाह करने की चेतावनी पर किसान सेना प्रमुख मुकेश डांगुर को पुलिस प्रशासन ने नजरबंद करके उप जिलाधिकारी कार्यालय में दिनभर रखा। इससे वह मंडी समिति नहीं पहुंच सके।
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किसान सेना प्रमुख ने सोशल मीडिया पर शनिवार को खरीद केंद्र पर आत्मदाह की चेतावनी की थी। आरोप लगाया था कि सरकारी खरीद केंद्रों पर माफिया का कब्जा है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम न मिलने से वे आहत है। इसके खिलाफ शनिवार दोपहर 12:00 बजे मंडी समिति परिसर में अपनी उपज में आग लगाकर आत्मदाह करेंगे।
बाजरा खरीद केंद्र प्रभारी गंगा प्रसाद के मुताबिक किसान नेता मुकेश डांगुर के परिवार की ओर से बाजरा बेचने के लिए तीन रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं। 23 क्विंटल बाजरा सरकारी मूल्य पर खरीद लिया गया है। जबकि 21 -21 क्विंटल बाजरा गीला व मानक के विपरीत होने के कारण तौल नहीं कराई जा सकी है। अधिकारियों ने मानक के विपरीत लाए गए बाजरे की खरीद पर रोक लगाई है। वहीं शनिवार को किसान नेता को नजरबंद करके उपजिलाधिकारी कार्यालय में रखा गया। जहां पर उनकी उप जिलाधिकारी से कहासुनी भी हुई।