जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी और किसान नेताओं के विवाद का फोटो
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कासगंज। भारतीय किसान यूनियन हलधर के नेता ने जिला अस्पताल में बिना जांच रिपोर्ट के ही अपनी पत्नी का ऑपरेशन करने का दबाव बनाया। महिला चिकित्सकों का आरोप है कि जब उन्होंने ऐसा करने से इंकार कर दिया तो उनके साथ किसान नेता ने अभद्रता करने के साथ धमकी दी। किसान नेता के हंगामे का वीडियो भी वायरल हो गया।
सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि सहावर थाना क्षेत्र के गढ़ी मोहनपुर निवासी फैजान अपनी पत्नी राहीन बेगम को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में लेकर आए। आरोप है कि बिना जांच पड़ताल के ही वह अपनी पत्नी को ओटी में शिफ्ट करने लगा। उस समय ओटी में डॉ. अंजू यादव और डॉ. पल्लवी दूसरे मरीज का ऑपरेशन कर रही थी। जब वह निकल कर आई और मरीज को देखने लगी।
मरीज की अल्ट्रासाउंड और ब्लड की जांच रिपोर्ट दिखाने को कहा, लेकिन फैजान के पास कोई रिपोर्ट नहीं थी। जांच कराने के लिए कहा तो फैजान ने अनिल राजपूत सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों को महिला वार्ड में बुला लिया। तत्काल ऑपेरशन करने का दबाव बनाने लगा। प्रसूता की हालत खराब देखते हुए महिला चिकित्सकों ने उसे अलीगढ़ रेफर करने के लिए कहा। इस पर फैजान ने अपने को किसान यूनियन हलधर का नेता बताते हुए महिला चिकित्सकों से अभद्रता कर दी और स्थानांतरण कराने की धमकी दी।
महिला चिकित्सकों से अभद्रता पर स्वास्थ्य कर्मी एकत्रित हो गए और उनमें भी आक्रोश पनप गया। भाकियू हलधर के मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल राजपूत ने कहा कि ऑपरेशन से इंकार करने पर थोड़ी नोकझोंक हो गई थी। किसी से अभद्रता नहीं की गई है।