कासगंज। मोदी सरकार किसानों की लगातार उपेक्षा कर रही है। एक महीने से अधिक समय हो चुका है। किसान दिल्ली की सड़कों पर सर्द रातों में बैठा है, लेकिन सरकार किसानों की मांगों को अनसुना कर रही है। यह बात भाकियू भाुन के राष्ट्रीय महासचिव कुलदीप पांडेय ने भाऊपुर में आयोजित किसान पंचायत में कही।
उन्होंने कहा कि देश में 80 फीसदी लोग किसान हैं। ये सभी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं लेकिन सरकार का रुख अड़ियल बना हुआ है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में धरना प्रदर्शन करना हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है। हालांकि सरकार के नुमाइंदे कभी इन्हें खालिस्तानी बताते हैं तो कभी पाकिस्तानी। सरकार चंद पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है।
इस किसान आंदोलन में अब तक 32 किसान असमय काल के मुंह में चले गए और सरकार ने आज तक मृतक किसानों के लिए शोक संवेदना भी व्यक्त नहीं की। जिलाध्यक्ष आशीष पांडे ने भी सरकार के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसान आखिरी सांस तक अपना संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने किसानों से दिल्ली कूच के लिए तैयार रहने की अपील की।
पंचायत संचालक एवं अलीगढ़ मंडल के अध्यक्ष ठाकुर श्यामवीर सिंह ने भी सरकार को किसान विरोधी कहा। तौफीक खान, जगत प्रसाद, शिवम बघेल, सचिन उपाध्याय, करन यादव, उमेश दीक्षित, राजकुमार सिंह, दूरबीन सिंह यादव, अमर सिंह, मेघ सिंह कश्यप, राधेलाल, अमर सिंह चौहान, चंद्रपाल सिंह, पप्पू पंडित, कल्यान सिंह, भगवान दास, रोहतास सिंह आदि मौजूद रहे।