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UP: खाद की लाइन में खड़े-खड़े बिगड़ गई तबीयत, अस्पताल ले जाते समय मौत...युवा किसान की ऐसे चली गई जान

Fri, 26 Sep 2025 10:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

खाद के लिए लंबी लाइन में लगे 27 वर्षीय किसान की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। 
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किसान का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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खाद के लिए लाइन में खड़े-खड़े मजरा नगला परिमाल निवासी किसान जयदेव (27) की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। किसान तीन दिन से खाद के लिए अकोला सहकारी समिति के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसे खाद नहीं मिल रही थी। बुधवार शाम किसान का गांव में अंतिम संस्कार किया। किसान की माैत पर आक्रोश जताते हुए बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
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जिले में खाद के लिए मारामारी जारी है। डीएपी, यूरिया के लिए किसान समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अकोला के नगला परिमाल निवासी जयदेव की खाद के इंतजार में जान चली गई। मृतक के पिता जयपाल सिंह ने बताया कि वह तीन दिनों से खाद के लिए सहकारी समिति अकोला पर बेटे के साथ चक्कर काट रहे थे। रोज लाइन में लगते थे, लेकिन खाद नहीं मिल रही थी।

मंगलवार को जयदेव सिंह खाद लेने के लिए सहकारी समिति पर गए थे। वहां लंबी लाइन थी। दो घंटे तक लाइन में खड़े रहे। लाइन में खड़े-खड़े अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द हुआ। पिता जयपाल सिंह उसे तुरंत अकोला स्थित स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने हालत गंभीर देखते हुए आगरा के लिए रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय रास्ते में जयदेव की मौत हो गई।
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बुधवार शाम को जयदेव सिंह का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। किसान की माैत से नाराज ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को गांव में विरोध-प्रदर्शन किया। स्थानीय निवासी एडवोकेट केदार सिंह ने बताया कि परिवार की हालत काफी दयनीय है। शुक्रवार को ग्रामीण जिलाधिकारी से मिलकर पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक मदद का अनुरोध करेंगे।


सहायक आयुक्त के विरुद्ध नहीं हुई कार्रवाई
जिले में 100 से अधिक सहकारी समितियां हैं जिनसे करीब एक लाख किसान जुड़े हैं। 20 से अधिक सहकारी समितियों पर खाद नहीं पहुंच रही है। बीते दिनों हुई बैठक में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने खाद वितरण में लापरवाही पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विमल कुमार के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए थे। डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक आयुक्त को हटाने की बात कही थी, लेकिन अब तक उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई। उधर, सहकारी समितियों पर खाद के लिए किसान परेशान हैं। इस संबंध में डीएम का कहना है कि किसान की माैत की जानकारी नहीं है। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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