किसान की मौत (सांकेतिक तस्वीर)
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उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के गंजडुंडवारा में चल रही चकबंदी ने एक किसान की जान ले ली। बताया गया है कि ग्राम म्यूनी में चकबंदी में जमीन चले जाने से एक किसान की सदमे में आकर मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने किसान का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों ने चकबंदी विभाग से जुड़े अधिकारियों पर रिश्वत लेने के बाद भी चकबंदी में ली गई जमीन वापस न देने का आरोप लगाया है। डीएम हर्षिता माथुर ने मामले की जांच डिप्टी कलक्टर रितू सिरोही को सौंपी है। डीएम का कहना है कि रिश्वत लेने सहित सभी तथ्यों की जांच होगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
गंजडुंडवारा क्षेत्र के ग्राम म्यूनी में चकबंदी चल रही है, जिसमे ग्रामीणों के खेतों को चकबंदी में लेकर खेतों का एक चक बनाया जाता है। गांव के निवासी किसान पंछी (50) पुत्र लक्षण के पास तीन बीघे का एक खेत था जो चकबंदी में चला गया। किसान इसी खेत के सहारे अपने परिवार का भरण पोषण करता था। खेत चकबंदी में चले जाने से किसान काफी तनाव में रहने लगा। शनिवार को देर रात किसान अचानक जमीन पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। किसान को जमीन पर गिरा देख परिजन दौड़कर उसके पास पहुंचे। उसकी मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की तहरीर मृतक के भाई नंद किशोर ने चकबंदी अधिकारी द्वितीय, सहायक चकबंदी अधिकारी, राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल को नामजद करते हुए पुलिस को दी है। मृतक के भाई ने बताया कि उसके भाई ने चकबंदी लेखपाल व अन्य चकबंदी अधिकारियों से अपना खेत वापस लेने की बात की तो लेखपाल व अन्य अधिकारियों ने पंछी से 60 हजार रुपये मांगे। भाई ने मांगी गई धनराशि भी दे दी, लेकिन उसके बाद भी चकबंदी लेखपाल ने खेत नहीं दिया।
चकबंदी लेखपाल व अन्य चकबंदी अधिकारी आश्वासन देते रहे। 22 अप्रैल को ग्रामीणों के साथ जाकर पंछी ने जिलाधिकारी से भी शिकायत की थी। जिसके बाद सदमे में भाई की मौत हो गई। थानाध्यक्ष गोविंद बल्लभ शर्मा ने बताया कि चकबंदी लेखपाल व अन्य अधिकारियों को नाम दर्ज करते हुये तहरीर मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कराई जाएगी जांच
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने बताया कि ग्राम म्युनी में किसान के मौत के मामले में जो आरोप परिजनों ने लगाए हैं उनकी पूरी जांच की जाएगी। डिप्टी कलक्टर रितू सिरोही को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।