फसल में पानी लगा रहा किसान 11 हजार लाइन के टूटे पड़े तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से क्षुब्ध ग्रामीण शव को लेकर नौशहरा फीडर पर पहुंचे और हंगामा करने लगे।
आक्रोशित लोगों ने फीडर पर तैनात एसएसओ के साथ मारपीट कर दी। मौके पर पहुंची एसडीएम एकता सिंह, अधिशाषी अभियंता झब्बूराम, सीओ अजय किशोर और तहसीलदार सत्यप्रकाश ने परिजनों को दो लाख रुपये का चेक देकर शांत किया। बाद में शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
नौशहरा निवासी रामज्ञान सिंह कुशवाह (55) पुत्र सूरजपाल गुरुवार सुबह फसल में पानी लगा रहा था। इसी दौरान 11 हजार लाइन का तार टूट कर बाजरा के गट्ठरों पर गिर पड़ा, जिससे गट्ठर जलने लगे। गट्ठरों को जलता देख रामज्ञान आग बुझाने के लिए दौड़ा। तभी किसान भी करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया।
किसान की बेटियां चीख पुकार करती हुई फीडर पर पहुंची और बिजली काटने की तैनात एसएसओ मलिखान से कहा। आरोप है कि एसएसओ ने उनकी नहीं सुनी और जब तक जेई से फोन कराया तब तक किसान की मौके पर ही मौत हो गई।
आक्रोशित लोगों ने शव खेत से उठा कर फीडर के गेट पर रख महिलाएं और बच्चों द्वारा करुण क्रंदन शुरू कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने फीडर पर तैनात एसएसओ को पीट दिया।
एसडीएम एकता सिंह, सीओ अजय किशोर और अधिशाषी अभियंता झब्बूराम ने मौके पर पहुंच कर मृतक की पत्नी आशा को दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया। इसके बाद तीन लाख रुपये का चेक बाद में देने का आश्वासन दिया।
चेक मिलने के बाद ही आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को उठने दिया। इस संबंध में एसडीएम एकता सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को विद्युत विभाग की तरफ से आर्थिक सहायता के रूप में पांच लाख रुपये दिए जायेंगे। दो लाख रुपये का चेक प्रदान कर दिया है। पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत भी आर्थिक सहायता दी जायेगी।
मृतक रामज्ञान की तीन बेटी और दो बेटा हैं। एक बेटी राखी की शादी कर दी है, जबकि दो बेटी आरती और रूबी तथा बेटा अभिषेक और बबलू अभी क्वांरे हैं। चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
चारों बच्चों की शादी की जिम्मेदारी अब मृतक की पत्नी आशा के कंधों पर आ गई है। मृतक के शव पर परिजनों का करुणक्रंदन देख मौजूद लोगों की आखें भी नम हो गईं।