परिजनों के मुताबिक किसान ने बैंक से कर्ज लिया था, जिसे चुकता नहीं कर पा रहा था। साथ ही कुछ और लोगों से भी वह कर्ज ले चुका था, जिसकी वजह से वह काफी परेशान था।
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है। जलेसर क्षेत्र के गांव कुंजलपुर में किसान उमेश चंद (36) ने मंगलवार देर शाम फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उस पर करीब चार-पांच लाख रुपये कर्ज था। परिजन ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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मृतक की पत्नी आरती ने बताया कि तीन साल पहले एक सड़क हादसे में उमेश घायल हुए थे। इलाज में काफी खर्च हुआ और कर्जा हो गया। इसकी उन्हें काफी चिंता रहती थी। घर से बाहर जाते तो अक्सर लोग कर्ज के लिए टोक देते थे। केवल तीन बीघा का खेत है, जिसमें मुश्किल से घर का खर्चा निकल पाता है। चार पुत्रियां और एक पुत्र है। ऐसे में कर्जा नहीं चुका पा रहे थे।
आरती ने बताया कि मंगलवार दोपहर के समय बच्चों के साथ खेतों पर काम करने गई थी। घर पर पति अकेले थे। शाम करीब 7 बजे जब घर लौटकर आई तो पति मृत हालत में मिले। मृतक के भाई अजंट सिंह ने बुधवार को पुलिस को लिखित सूचना दी। बताया कि उमेश ने घर में रस्सी के फंदे से आत्महत्या कर ली थी। परिजन ने आपसी सहमति और किसी तरह की आपत्ति न होने पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बुधवार को पुलिस भी गांव में पहुंची, लेकिन परिजन ने किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया।
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एसडीएम जलेसर अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि दुर्घटना के बाद इलाज और इसके बाद उमेश गांव के लोगों से कर्ज लेता रहा था। सरकारी योजनाओं के जरिये परिजन की मदद की जाएगी।
बता दें साल 2020 में थाना निधौलीकलां क्षेत्र के गांव दूल्हा निवासी सुरेश चंद्र (45) पुत्र केदारी लाल ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। सुरेश चंद्र ने भी बैंक से लोन लिया था, जिसे वह चुका नहीं पा रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया था कि कर्जा जमा कराने के लिए भूमि विकास बैंक के अधिकारी काफी दिन से दबाव बना रहे थे।