कासगंज। भोले बाबा के सत्संग के कार्यक्रम में युवती प्रियंका पहली बार भोले बाबा के सत्संग में गई थी। जबकि परिवार के लोग पहले से ही भोले बाबा के सत्संग में जाते हैं और उनके आश्रम पर भी। प्रियंका के उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपने थे।
इन सपनों को साकार करने के लिए बाबा का आशीर्वाद लेने की अभिलाषा उसके मन में थी और वह भी अपने माता पिता के साथ सत्संग में पहुंची। माता पिता कार्यक्रम स्थल से निकलकर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और प्रियंका का इंतजार कर रहे थे। उस समय तक कुछ हुआ नहीं था, लेकिन प्रियंका के आते समय एकदम भगदड़ मची तो पहले उसकी सैंडिल भगदड़ में छूट गई। वह सैंडिल उठाने लोगों के बीच पहुंची तो हादसे का शिकार हो गई। प्रियंका के पिता रामसेवक ने बताया कि जब तक वह सत्संग से निकले थे तब तक कोई बात नहीं थी। महिला और पुरुषों के अलग अलग बैठने की व्यवस्था थी।
वह पहले ही स्टेशन पर पहुंच गए थे और प्रियंका का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद लोगों ने वहां भगदड़ होने की जानकारी दी। प्रियंका जब स्टेशन नहीं पहुंची तो स्टेशन से सत्संग स्थल पर गए। लोगों की भीड़ के बीच से निकलते समय प्रियंका का सैंडल मिट्टी में धंस गया था। जैसे ही वह सैंडिल उठाने झुकी और हादसे का शिकार हो गई। न जाने कितने लोग उसे रौंदते हुए निकल गए।