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हम तो हैं परदेस में... अपना ख्याल रखना, कोरोना की चिंता में डूबे परिजन स्वदेस का ले रहे हाल

Tue, 17 Mar 2020 01:22 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

दुबई में लोगों ने कार से जाना छोड़ा
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मथुरा का एक परिवार विदेश में - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना के कहर से वे लोग ज्यादा चिंता में डूबे हैं जिनके अपने विदेश में रह रहे हैं। इटली, चीन, सिंगापुर, जर्मनी से आ रही खबरें उन्हें डरा रही हैं। अपनों से रोज हालचाल ले रहे हैं। उन्हें समझा रहे हैं कि बचाव के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। यह भी जानकारी ले रहे हैं कि वहां की सरकार ने क्या क्या कदम उठाए हैं।
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बहन सिंगापुर में... घर से बाहर जाना बंद किया
शमसाबाद रोड टीवी टॉवर निवासी विक्रम गुप्ता की बहन वंदना गुप्ता सिंगापुर में हैं। विक्रम ने बताया कि बहन से रोज सुबह-शाम बात हो रही है। उससे यही पूछते हैं कि सिंगापुर में सब ठीक तो है। हर बार कहते हैं कि अपना ख्याल रखे। आगरा में कोरोना केस मिलने से वह वहां बहुत टेंशन में रही। रोज फोन करती। हम भी उससे वहां की स्थिति मालूम करते हैं। उसने बताया कि  सिंगापुर में सड़कों पर सन्नाटा है।

वह और उसका परिवार घर से बाहर कम ही जाते हैं। सप्ताह में एक ही दिन खाने-पीने का सामान लेने के लिए जाते हैं। लिफ्ट, मॉल, स्कूल, दफ्तर सभी को सैनिटाइज किया जा रहा है। पब्लिक मीटिंग बंद हो गई हैं। धर्मस्थलों में भी बहुत कम लोग जा रहे हैं।
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विदेश में आगरा का एक परिवार - फोटो : अमर उजाला
दुबई में लोगों ने कार से जाना छोड़ा
काला महल निवासी तरुण हरजानी के भाई विजय हरजानी दुबई में है। दोनों में कोरोना को लेकर उठाए जा रहे एहतियाती कदमों पर बात होती है। तरुण ने जब बताया कि आगरा में प्रशासन ने मल्टीप्लेक्स, स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए हैं तो विजय ने दुबई में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। कहा कि दुबई में लोगों ने घर से निकलना ही बंद कर दिया है। जरूरी काम हो तो सैनिटाइज की गई टैक्सी से ही बाहर जाते हैं। वहां बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं लेकिन अब न के बराबर आ रहे हैं।

जर्मनी में गाड़ियों के बजाय पैदल चल रहे लोग
खंदारी निवासी समाजसेविका कोकिला अग्रवाल के भाई अनिमेष जर्मनी के म्यूनिख में हैं। अनिमेष ने फोन पर बताया कि वहां कारखानों और कार्यालयों में लोग नहीं जा रहे हैं, घर से ही काम कर रहे हैं। वह भी ऐसा ही कर रहे हैं।

बड़े आयोजन निरस्त हो गए हैं। लोग इकट्ठा नहीं हो रहे हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कम कर दिया है, जहां तक मुमकिन हो, पैदल ही चल रहे हैं। सप्ताह में एक बार ही शॉपिंग कर रहे हैं। अगर किसी को बुखार, खांसी या जुकाम हो तो उनके लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

विदेश में आगरा का एक परिवार - फोटो : अमर उजाला
अमेरिका में मास्क लगाकर ही निकल रहे लोग
मैनपुरी शहर के अवध नगर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता क्रांति कुमार दीक्षित के बेटे गौरव दीक्षित अमेरिका के शहर मेसाच्युसेट्स में पत्नी गरिमा और बेटे आदि व नील के साथ रहते हैं। परिजन चिंतित हैं। पिता और मां विमला दीक्षित दिन में कई बार फोन करके खैर खबर लेती रहती हैं।

भाई प्रखर दीक्षित और प्रशांत दीक्षित भी हर दिन फोन करते हैं। परिजनों से फोन पर बातचीत में गौरव दीक्षित ने बताया कि अमेरिका में कोरोना को लेकर हाई अलर्ट है। सार्वजनिक स्थानों पर सभी लोग मास्क पहनकर ही जा रहे हैं। सैनेटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं। 

पापा दुबई में, बेटियां रोज करती हैं फोन
किशनी निवासी विश्वपाल सिंह चौहान दुबई में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। बीते आठ माह से घर नहीं आए हैं। कोरोना फैलने के बाद परिवार उनके लिए चिंतित है तो वे परिवार के लिए। फोन पर उन्होंने बताया कि दुबई में सभी को मास्क पहनने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही भीड़-भाड़ वाले कई इलाकों को बंद कर दिया है। घर में पत्नी रीता चौहान और बेटियां निधि व नेहा भी पिता को लेकर परेशान हैं। वे बस उन्हें ध्यान रखने के लिए कह रही हैं।

कोरोना वायरस(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay
कोरोना वायरस ने उन मथुरावासियों के दिलों की धड़कनों को बढ़ा दिया है, जिनके बच्चे या फिर रिश्तेदार विदेशों में बसे हैं। कोई उनके प्रतिदिन हालचाल पूछ रहा है तो कोई एक-दो दिन बाद जानकारी ले रहा है।

कोरोना को लेकर आ रही जानकारियां लोगों को बेचैन कर रही हैं। मथुरा से अनेक लोग विदेशों में रोजगार के लिए गए हैं। अनेक लोग तो वहीं जाकर बस गए हैं। शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जाने वालों की संख्या भी जनपद में कम नहीं है।

एक सप्ताह से सभी स्थानों पर दहशत
बेटा अमित और बिटिया स्मिता पिछले एक दशक से मेलबॉर्न में बसे हैं। कोरोना को लेकर मेरी रोजाना बात होती है। उनका कहना है पिछले एक सप्ताह से सभी स्थानों पर दहशत है। बाजार से जरूरी सामान गायब होने लगा है। लोगों ने रोजमर्रा के सामान को घरों में जमा कर लिया है।

खास तौर पर टिशू पेपर और सैनिटाइजर की जबरदस्त मारामारी है। चूंकि ठंड का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में इसके फैलने की आशंका को सोच आस्ट्रेलियावासी चिंतित है। दोनों मथुरा में भी इस वायरस को लेकर पूछते हैं। कह दिया कि यहां सबकुछ सामान्य है। - डॉ अशोक बंसल, मानस नगर, महोली रोड
 
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टिकट हो गया है, पर वीजा नहीं मिल रहा
ननद अमीतू और बहनोई संजीव शर्मा लंदन में रहते हैं। बीती रात ही बात हुई थी। बता रही थीं किंग्बर्सी में 600 लोग कोरोना से प्रभावित घोषित किए गए हैं। अब लोगों की चिंताए बढ़ रही हैं। घरों में सामान स्टोर कर रहे हैं। सभी को चिंता है कि स्टोर पर सामान खत्म न हो जाए। 10 अप्रैल को उन्हें मथुरा आना है। टिकट तो हो गया है, लेकिन सरकार ने वीजा पर रोक लगा दी है। इससे भी चिंता बढ़ रही है। - शालू खुराना, मोतीकुंज

डरा रही हैं कनाडा की स्थितियां
बहन जसमीर और जीजाजी एमएस लांबा लंबे समय से कनाडा में रह रहे हैं। बीती रात उनसे बात हुई थी। बता रहे थे कि स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने घर में तीन माह का राशन एकत्रित करके रख लिया है। ऑफिस की छुट्टी कर दी गई हैं। घरों से लोगों को निकलने नहीं दिया जा रहा है। गुरुद्वारों में लंगर भी फिलहाल बंद हो गए हैं। उन्होंने मथुरा की भी जानकारी ली। उन्हें बताया कि यहां तो सब सामान्य है। किसी प्रकार का भय का वातावरण नहीं है। खुद ही लोग इससे बचाव में सतर्कता बरत रहे हैं। - हरजीत सिंह, तिलक नगर

जर्मन से दो दिन पहले ही लौट कर आए हैं  
एमबीए की शिक्षा के लिए गए समर्थ वाजपेयी पिछले शनिवार को ही जर्मनी से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि वर्निंग की स्थिति बहुत बिगड़ रही है। यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई है। प्रतिदिन नए केस बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए पिता जी डॉ अरुण वाजपेयी के कहने पर वे घर लौट आए हैं। यहां दिल्ली में उनकी जांच की गई थी, उसके बाद घर भेज दिया गया। -समर्थ वाजपेयी, अमरनाथ विद्या आश्रम
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