यूपी रोडवेज बसों में फर्जी टिकट गिरोह रोजाना पांच लाख का चूना विभाग को लगा रहा था। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक इस गिरोह में संविदा कर्मी से लेकर अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है। अभी इसकी जांच चल रही है।
फर्जी टिकट गिरोह की बसें आगरा, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, सादाबाद में चलती थीं, इसमें 50 से 60 बसें शामिल थीं। मथुरा और बुद्ध विहार डिपो की बस अधिक रहती थीं। इस गिरोह की बसें सुबह के चार घंटों में सबसे ज्यादा कमाई करती थी।
तड़के चार से सुबह आठ बजे के बीच बसों को अलग-अलग रूटों पर निकाला जाता था। रोजाना 200 से 250 लोग रहते थे। सुबह के समय चेकिंग दल भी सक्रिय नहीं रहता था। इस कारण कमाई ज्यादा हो जाती थी।