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बर्खास्तगी के तीन साल बाद शिक्षकों को जारी हुआ रिकवरी नोटिस

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मैनपुरी। वर्ष 2017 में बर्खास्त फर्जी शिक्षकों से वेतन की रिकवरी की कार्रवाई शुरू हो गई है। लेखाधिकारी की संस्तुति के बाद बीएसए ने बर्खास्त 24 शिक्षकों को वेतन रिकवरी का नोटिस जारी किया है। वहीं शेष सात शिक्षकों के वेतन रिकवरी के लिए आगणन किया जा रहा है। ये शिक्षक बाहरी जनपदों से स्थानांतरित होकर जिले में आए थे।
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वर्ष 2016 में कार्यवाहक बीएसए भारती शाक्य को जिले में पिछली कुछ भर्तियों में चयनित होकर आए शिक्षकों के अभिलेख फर्जी होने की शिकायत मिली थी। इस पर बीएसए ने जांच शुरू करा दी। हालांकि जांच पूरी होती बीएसए का स्थानांतरण हो गया और जिले में बीएसए के पद पर रामकरन यादव को तैनाती मिली। उन्होंने वर्ष 2009 से 2016 तक नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों के अभिलेखों की जांच शुरू कराई। जांच में अलग-अलग हुई तीन भर्तियों में 31 शिक्षक फर्जी मिले। मार्च 2017 में फर्जी शिक्षकों को तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव ने सेवा से बर्खास्त करते हुए एफआईआर दर्ज करा रिकवरी के आदेश दिए। हालांकि अब तक शिक्षकेां से रिकवरी नहीं हो सकी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद सरकार ने फर्जी शिक्षकों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी तो बेसिक शिक्षा विभाग को बर्खास्त शिक्षकाें से रिकवरी करने की सुध आई। सप्ताह भर पहले बीएसए विजय प्रताप सिंह ने शिक्षकों से रिकवरी के लिए प्रस्ताव तैयार कर लेखा विभाग को भेजा। लेखा विभाग ने 24 शिक्षकों से रिकवरी के लिए सहमति दे दी है। वहीं बाहरी जिलों से स्थानांतरित होकर आए सात शिक्षकों को दिए गए वेतन का विवरण अन्य जनपदों से मंगाया गया है। लेखा विभाग की संस्तुति के बाद बीएसए ने बुधवार को 24 शिक्षकों को वेतन रिकवरी को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इनसे करीब चार करोड़ रुपये की रिकवरी होनी है।
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किस भर्ती में मिले थे कितने फर्जी शिक्षक
10800 शिक्षक भर्ती वर्ष 2013- 10
29 हजार शिक्षक भर्ती वर्ष 2013- 08
10 हजार शिक्षक भर्ती वर्ष 2014-13
शासन के निर्देश पर शिक्षकों को रिकवरी नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके बाद भी यदि वेतन और अन्य देयकों के रूप में ली गई धनराशि फर्जी शिक्षक जमा नहीं करते हैं तो उनकी आरसी की कार्रवाई के लिए तहसील में अभिलेख भेजे जाएंगे।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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