डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से संबद्ध सेल्फ फाइनेंस कालेजों के करीब 8000 शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त कर दिया गया है। इनमें से 7500 ऐसे हैं, जो एक से अधिक कॉलेजों में पढ़ा रहे थे।
कई तो पांच से भी अधिक कालेजों में शिक्षक बने हुए थे। यह फर्जीवाड़ा शिक्षकों के डाटा से आधार कार्ड लिंक किए जाने पर पकड़ा गया है। इनके अतिरिक्त 500 ऐसे हैं, जिनके अनुमोदन की अवधि (पांच वर्ष) पूरी हो चुकी है।
विश्वविद्यालय ने सेल्फ फाइनेंस कालेजों में तैनात शिक्षकों का डाटा बेस तैयार किया गया है। सेल्फ फाइनेंस कालेजों में 10 हजार अनुमोदित शिक्षक हैं। डाटा को आधार संख्या से लिंक किए जाने पर साफ्टवेयर की मदद से ऐसे शिक्षकों के नाम सामने आए, जो कागजों में एक से अधिक कालेजों में पढ़ा रहे थे।
साफ्टवेयर से ही ऐसे शिक्षक तलाशे गए, जिनके अनुमोदन की अवधि पूरी हो चुकी है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि जिन शिक्षकों के अनुमोदन की अवधि पूरी हो चुकी है, उनका अनुमोदन दोबारा कराने के लिए कालेजों को पत्र भेजा गया है।