ताजनगरी में नकली का कारोबार फल फूल रहा है। दो दिन पहले ही काजीपाड़ा में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर कपड़ों की बिक्री का मामला सामने आया था। अब घी, तेल, मोबिल ऑयल, सीमेंट, कपड़ों के बाद जूते भी नकली मिल रहे हैं। हींग की मंडी में ब्रांडेड जूते बनाने वाली कंपनी ने पुलिस की मदद से छापा मारा। एक दुकान पर कंपनी के 153 जोड़ी जूते मिले। दुकानदार कंपनी के मार्का का इंस्तेमाल कर रहा था। मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
लुई विटॉन मालेटियर कंपनी के प्रतिनिधि नंदन सिंह ने पुलिस उपायुक्त से शिकायत की। उन्होंने कहा कि हींग की मंडी में कंपनी के मार्का का इस्तेमाल पर नकली जूते बेचे जा रहे हैं। इस पर थाना कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया गया। बृहस्पतिवार को कंपनी की टीम पुलिस के साथ जमनानी ट्रेडर्स की दुकान पर पहुंची। इसके बाद दुकान में रखे जूतों को चेक किया। 153 जोड़ी जूतों पर लुई विटॉन मालेटियर कंपनी का मार्का लगा हुआ था। दुकानदार मार्का लगे होने के बारे में कोई उचित जवाब नहीं दे सका।
थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद पांडेय के मुताबिक, कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि लुई विटॉन मालेटियर कंपनी फ्रांस की है। स्थानीय स्तर पर बनने वाले जूते पर कंपनी का मार्का लगाकर बेचने का आरोप है। मामले में दुकानदार मारुति एस्टेट निवासी मोहनलाल जमनानी के खिलाफ 63 कॉपी राइट अधिनियम और 103 ट्रेड मार्क अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।
नकली मोबिल ऑयल का बड़ा कारोबार
आगरा में दो साल पहले नकली मोबिल ऑयल का अवैध कारोबार पकड़ा गया था। थाना एत्माद्दौला, छत्ता और ताजगंज में मुकदमे दर्ज किए गए। आरोपी बाजार में बिकने वाला खराब मोबिल आयल खरीदते थे। इसे साफ करने के बाद डिब्बों में भर देते थे। इसके बाद ब्रांडेड कंपनी के रेपर लगा देते थे। इस माल की सप्लाई आगरा से लेकर पूर्वांचल के जिलों में हो रही थी।
नकली और जहरीली शराब ले चुकी जान
नकली और जहरीली शराब आगरा में कई जान ले चुकी है। एक साल पहले ताजगंज, डौकी, शमसाबाद और इरादतनगर क्षेत्र में 18 लोगों की मौत शराब पीने के बाद हुई थी। जांच में पता चला था कि जहरीली शराब की बिक्री की गई थी। इससे पहले खंदौली और एत्मादपुर में भी शराब पीने के बाद जान जा चुकी है।
यह भी बिक रहे
इसके अलावा एत्माद्दौला क्षेत्र में नकली, सैनिटाइजर, छत्ता क्षेत्र में धूपबत्ती, जगदीशपुरा में सीमेंट, देहात में खाद, ऑटो पार्ट्स, दवाएं, जींस, टीशर्ट, जैकेट और इनर तक नकली मिल चुकी है। पुलिस एक बार कार्रवाई करती है। मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। मगर, नकली के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही है।