सिकंदरा की छात्रा ने सामूहिक दुष्कर्म की जो कहानी बनाई, वह ज्यादा देर टिक नहीं पाई। उसने आरोपी युवकों को अपने भाई का दोस्त बताया था। लेकिन जब भाई थाने पहुंचा, तो उसने कहा कि वह इन युवकों को जानता तक नहीं है। यहीं से पुलिस से मान लिया कि कहानी में झोल है। इसके बाद तो साजिश के रहस्य से पर्दा उठता चला गया।
छात्रा की पूरी कहानी इसी पर टिकी थी कि वह आरोपियों के कहने पर इसलिए उनकी गाड़ी में बैठ गई, क्योंकि वे उसके भाई के दोस्त हैं और वह उन्हें जानती थी। इस पर पुलिस ने छात्रा के भाई को पचोखरा थाना बुलाया।
उसे चारों नामजद आरोपियों के नाम बताए। उससे पूछा कि क्या ये उसके दोस्त हैं। उसने जवाब दिया नहीं, वह तो इनमें से एक को भी नहीं जानता। इस पर पुलिस ने छात्रा को बताया कि उसका भाई तो उसकी बात को तस्दीक नहीं कर रहा।