उत्तर प्रदेश रोडवेज के 280 ड्राइवर कंडक्टर जांच के घेरे में आ गए हैं। एसटीएफ द्वारा 11 लोगों को गिरफ्तार करके फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने के बाद यह सभी रडार पर आए हैं। इनकी धरपकड़ को रोडवेज मुख्यालय से अनुमति मांगी जा रही है।
एसटीएफ ने मथुरा से अलीगढ़ तक ऑपरेशन चलाकर 11 लोगों को गिरफ्तार करके रोडवेज में फर्जी टिकट के रैकेट का खुलासा किया था। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में जो नेटवर्क सामने आया है उससे एसटीएफ के अफसर भी हैरान रह गए।
2010 से यह गोलमाल चल रहा था। अगर किसी बस में 20 सवारियां होती थीं तो केवल पांच के पास ही असली टिकट होता था, बाकी को नकली थमा दिया जाता था। इतना ही नहीं टिकटिंग मशीन से टिकट निकालने की बजाए रूट चार्ट का प्रिंट निकालकर यात्रियों से कह देते थे कि मशीन खराब है प्रिंट सही नहीं आ रहा है।