पुलिस ने बताया कि बाहर से पता ही नहीं चलता था कि अंदर नकली दवा बनाने की फैक्टरी है। इंस्टीट्यूट में बच्चे पढ़ने आते थे। मैरिज हॉल में शादी-समारोह होते थे। आसपास के लोगों से पता चला कि कई बार लोडिंग टेंपो और ड्रम समेत अन्य सामान लेकर ट्रक भी आते थे। मैरिज हॉल और कॉलेज का सामान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता था।
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सात साल में 230 करोड़ की दवाएं जब्त
आगरा नकली, एक्सपायर्ड दवाएं, सरकारी दवाएं, गर्भपात किट, नशे के लिए दवाओं की कालाबाजारी का मुख्य ठिकाना बना है। यहां बीते 7 साल में करीब 230 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। यहां से तीन अंतरराज्यीय गैंग पकड़े जा चुके हैं।
- 2021: गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान की चार मंजिला अवैध फैक्टरी पकड़ी। संचालक राजन अग्रवाल था।
- 2021: आवास विकास कॉलोनी निवासी सुधीर राजौरा, प्रदीप राजौर और मथुरा के सौरभ का एक्सपायर्ड दवाओं की री-पैकिंग की फैक्टरी व गोदाम पकड़ा।
- 2020: नशे की दवाओं की कालाबाजारी पकड़ी, कमला नगर निवासी विक्की अरोड़ा और कपिल अरोड़ा के दो गोदाम भी सील।
- 2020: कमला नगर निवासी पंकज गुप्ता का अंतरराज्यीय गैंग पकड़ा, नकली, नशे की और सरकारी दवाओं की कालाबाजारी करता था।
2020: शास्त्रीपुरम में दो घरों में बने अवैध गोदाम में 50 लाख रुपये की नकली दवाएं पकड़ीं।
- 2019 : निबोहरा में सात लाख रुपये की कीमत के नकली इंजेक्शन और एंटीबायोटिक दवाएं जब्त कीं।
- 2019: राजस्थान पुलिस ने गर्भपात की नकली दवाओं की किट पकड़ीं।
- 2018: पंजाब एसटीएफ ने 17 लाख रुपये के कफ सिरप जब्त किए।
- 2018: फ्रीगंज में नारकोटिक्स की टीम ने दो गोदामों में दवाओं का जखीरा पकड़ा।