आगरा में सिकंदरा स्थित गुरु तेग बहादुर कॉलोनी में आवास विकास प्राधिकरण से एक महिला के नाम आवंटित भूखंड धोखाधड़ी से बेच दिया गया। आरोप है कि महिला के फर्जी शपथपत्र और फोटो के आधार पर पहले भूखंड अपने नाम कराया। उसके बाद उसका बैनामा किसी दूसरे के नाम किया। शिकायत के बाद जांच में मामला सामने आया। सिकंदरा थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है।
यहां का है मामला
सीओ हरी पर्वत एएसपी सत्यनारायण ने बताया कि सिकंदरा थाने में 10 मई को विकास प्राधिकरण के द्वितीय लिपिक राजीव सक्सेना ने तहरीर दी। उनकी तहरीर पर कुंवर कॉलोनी, खंदारी निवासी हीरालाल के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और छल के लिए उनका प्रयोग की धारा में मुकदमा लिखा गया। उसके अनुसार, नाई की मंडी निवासी राधा देवी पत्नी किशन सिंह के नाम गुरुतेग बहादुर कॉलोनी में जुलाई 1987 में एक भूखंड आवंटन हुआ। आरोपी हीरालाल ने भूखंड की पॉवर ऑफ अटार्नी अपने नाम करा ली। विकास प्राधिकरण में महिला का फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत किया। उस पर जो फोटो लगाई वह राधा देवी की नहीं थी। पहले भूखंड का आवंटन अपने नाम कराया। उसके बाद उस भवन को सराय बेगा निवासी टीकम सिंह को महंगे दामों पर बेच दिया।