मैनपुरी। ग्राम औड़ेन्य पड़रिया में हुए सैकड़ों बीघा भूमि का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने संबंधित गाटा संख्या के बैनामा पर रोक लगा दी है। साथ ही जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सोमवार से राजस्व विभाग भूमि की पैमाइश कर इसे अपने कब्जे में लेगा।
ग्राम औड़ेन्य पड़रिया में 139 गाटों पर फर्जी इंदराज कर सैकड़ों बीघा सरकारी भूमि लोगों ने अपने नाम दर्ज करा ली। इतना ही नहीं 34 नॉन जेड ए के गाटों पर भी कब्जा कर लिया गया है। सैकड़ों एकड़ भूमि का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद खलबली मच गई है। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने नॉन जेड ए (जमीदारी विनाश अधिनियम जिस पर लागू न हो) की जमीन की पैमाइश कर कब्जे में लेने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए सोमवार से कार्रवाई शुरू हो जएगी। वहीं अन्य 139 गाटों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके लिए उप निबंधक को आदेश दिए हैं कि जब तक मामले में निर्णय नहीं हो जाता है, तब तक इनमें से किसी भी भूमि की रजिस्ट्री न की जाए। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया जिन लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया है उन्हें भूमाफिया में दर्ज कर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिन 139 गाटा संख्या में फर्जी नाम दर्ज कराया गया है, उनकी डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। इसमें बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। कई भूमि को जहां खतौनियों में अपने नाम दर्ज करा लिया गया है तो वहीं कई की श्रेणी ही बदल दी गई है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद राजस्व विभाग जांच में जुट गया है।
औड़ेन्य पड़रिया में भूमि का फर्जीवाड़ा करने वाले लोग बेहद शातिर हैं। अभिलेखों में भूमि अपने नाम दर्ज करने के बाद पत्रावलियां ही गायब कर दी गईं। ऐसे में ये जानना बहुत मुश्किल होगा कि भूमि किस श्रेणी की थी और किसके नाम दर्ज थी। वहीं लोगों के नाम कैसे दर्ज हुए ये भी जानना मुश्किल होगा। राजस्व विभाग भूमि के नक्शे और खतौनी तलाशने में लगा हुआ है।