एक युवक ने धोखाधडी कर अपने भाई की मृत्यु का गलत प्रमाणपत्र जारी करा लिया। मामले का खुलासा होने के बाद पालिका ने प्रमाणत्र निरस्त कर दिया है। इसके बाद पालिका ने इस मामले में जांच बैठा दी है। जांच अधिकारी मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।
हृदेश पुत्र प्रताप सिंह निवासी आशोक नगर की चार मार्च को मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए उसके भाई दिनेश ने 12 जून को ऑनलाइन आवेदन किया। ऑनलाइन आवेदन में उसने मृत्यु की दिनांक 25 अप्रैल 2019 भर दी लेकिन जांच अधिकारी ने जांच करते समय इस तथ्य पर ध्यान नहीं दिया कि मृत्यु की दिनांक कौन सी है। उसने भरी गई दिनांक के आधार पर ही अपनी रिपोर्ट लगा दी।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पालिका ने 24 जून को प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इस बीच पालिका के संज्ञान में आया कि आवेदक ने गलत तथ्यों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करा लिया है तो पालिका में खलबली मच गई।