आगरा में नकली मोबिल के बाद नकली सीमेंट की बिक्री का मामला सामने आया है। जगदीशपुरा के गांव मघटई में गोदाम में नकली सीमेंट तैयार किया जा रहा था। इसके बाद अल्ट्रा टेक कंपनी के कट्टों में पैक करके बेचा जा रहा था। कंपनी अधिकारियों ने गुरुवार को पुलिस की मदद से छापा मारा। छह मजदूरों को पकड़ लिया, जबकि सरगना फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि अल्ट्रा टेक कंपनी के अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि उनके सीमेंट की गुणवत्ता में कमी है। इस पर कंपनी की टीम ने जांच की। इसमें खराब गुणवत्ता का सीमेंट लोगों तक पहुंचने की पुष्टि हुई। कंपनी के कट्टों में पैक करके खराब सीमेंट बेचा जा रहा था। इस पर अधिकारियों ने पुलिस से शिकायत की। गुरुवार को जगदीशपुरा के गांव मघटई में गोदाम पर छापा मारा गया।
थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि गोदाम में छह लोग मिले। उन्हें पकड़ लिया गया, जबकि गोदाम संचालक गांव का ही मुनेंद्र परमार है। वह फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों में एत्मादपुर निवासी लक्ष्मण, खंदौली के गांव मुड़ी जहांगीरपुर निवासी राजकुमार, लक्ष्मण सिंह, अनिल, गिरीराज सिंह और मुरैना के गांव दमनी निवासी अरुण हैं। गोदाम से अल्ट्रा टेक सीमेंट की 992 खाली बोरी, 319 भरी बोरिया विरमा प्लस सीमेंट की बरामद हुईं। इस मामले में अल्ट्रा टेक सीमेंट कंपनी के सहायक प्रबंधक कमल सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपी नकली सीमेंट तैयार करने का काम करते हैं। मालिक सभी को रुपये देता था।
सीमेंट के एक कट्टे पर 150 रुपये तक की बचत
प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी मुनेंद्र परमार एक सीमेंट के कट्टे पर 150 रुपये तक की बचत करता था। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि सरगना दुकानों से खराब और एक्सपायर हो चुके सीमेंट को खरीदकर लाता था। उसे एक कट्टा सीमेंट सौ रुपये तक में मिल जाता था। इसे अपने गोदाम में रखता था। मजदूरों की मदद से सीमेंट को सही करता था। इसके बाद कंपनी के नाम से छपे कट्टों में भरकर पैक करा देता था। बाजार में कंपनी के सीमेंट की कीमत तकरीबन 380 रुपये है। आरोपी लोगों को 20 से 30 रुपये तक सीमेंट सस्ता करके देता था, जिससे लोग ज्यादा मांग करते थे। मगर, गुणवत्ता नहीं होने से उन्हें नुकसान होता था। शिकायत कंपनी को की जाती थी।