मैं बैंक की क्रेडिट कार्ड शाखा से बोल रहा हूं। आपके कार्ड की जांच में पता चला कि बीमा चालू हो गया है। हर महीने तीन हजार रुपये कटेंगे। अगर आप यह रकम नहीं देना चाहते हैं तो जैसा कहूं वैसा करें। बीमा कैंसिल कर दिया जाएगा...। इसके बाद मोबाइल पर एपीके फाइल पर क्लिक कराया गया और खाते से दो लाख रुपये कट गए।
बल्केश्वर कॉलोनी निवासी सौरभ सिंह ने बताया कि 31 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे उनके पास एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को यूनियन बैंक क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से अंकित टिग्गा बताया। बीमा कैंसिल करने के नाम पर उनके व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर उसे ओपन करने के लिए कहा गया। फाइल ओपन करते ही फोन हैक हो गया।
पुलिस ने तुरंत शिकायत दर्ज शुरू की जांच
बताा गया है कि इसके बाद उनके यूनियन बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1,49,950 रुपये और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 48,905 रुपये के ट्रांजेक्शन कर लिए गए। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। कमला नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कभी झांसे में ना आएं
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि फोन पर अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक का कर्मचारी बताता है। किसी तरह का लाभ और बैंक से कटने वाली राशि को खत्म करने का वादा करता है तो समझ जाएं कि वह साइबर ठग हो सकता है। मोबाइल पर आने वाली एपीके फाइल से सावधान रहें। इसकी मदद से साइबर अपराधी मोबाइल हैक कर उसका एक्सेस अपने हाथों में ले लेते हैं। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ई-वॉलेट से रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। कई लोग शिकार बन चुके हैं। इसलिए कभी झांसे में न आएं। अगर साइबर अपराध होता है तो तुरंत पुलिस की सहायता लें।