मृतक का फाइल फोटो और विलाप करते परिवारीजन
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थाना उत्तर के मोहल्ला ऐलान नगर में झोलाछाप के उपचार से श्रमिक की मौत हो गई। श्रमिक की मौत के बाद झोलाछाप दुकान का शटर डालकर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना उत्तर के ऐलान नगर निवासी ज्ञान सिंह शंखवार (40) पुत्र सियाराम शंखवार चूड़ी जुड़ाई का काम करता था। दो दिन से डायरिया होने पर उसने पड़ोस में नाले किनारे झोलाछाप प्रमोद से उपचार कराना शुरू कर दिया।
सोमवार को उपचार से आराम नहीं मिलने पर वह मंगलवार को सुबह दवा लेने के लिए पहुंचा। आरोप है कि झोलाछाप ने काफी गोलियां एक साथ खाने के लिए ज्ञान सिंह को दे दीं।
उसने खाने से इंकार किया तो कहा कि दवा नहीं खाओगे तो आराम कहां से मिलेगा? ऐसे में ज्ञान सिंह ने दवा खाली। दवा खाने के बाद झोलाछाप ने ज्ञान सिंह को इंजेक्शन लगाया तो उसकी हालत खराब हो गई।
सियाराम ने बताया कि हालत खराब होने पर प्रमोद ही ज्ञान सिंह को उपचार कराने के लिए सरकारी ट्रामा सेंटर ले गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर प्रमोद ने सियाराम को सूचना दी और दुकान का शटर डालकर फरार हो गया।
ज्ञानसिंह के शव को लेकर परिजन मोहल्ला ऐलान नगर पहुंच गए। परिजनों ने झोलाछाप प्रमोद को काफी तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। ज्ञान सिंह की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
पिता ने झोलाछाप पर गलत उपचार से बेटे की मौत होने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक ज्ञान सिंह शंखवार के पिता सियाराम का कहना है कि मेरे दो बेटों में ज्ञानसिंह सबसे बड़ा था। उसके तीन बेटा मुकेश (20), दिनेश (17), रामरतन (13) तथा एक बेटी हेमलता (15) हैं। एसएचओ उत्तर केडी शर्मा ने कहा कि परिजन यदि झोलाछाप के खिलाफ तहरीर देंगे तो मामले की जांच करके कार्रवाई की