मृतका फाइल फोटो और पुलिया जहां हुआ हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा की शंकरगढ़ की पुलिया (शाहगंज) से दाैरैठा मार्ग पर मंगलवार रात टूटी पुलिया की वजह से जूता कारखाना संचालक राजेश कुमार (42) की जान चली गई। वह स्कूटर पर थे। पुलिया के टूटे हिस्से में स्कूटर का अगला पहिया चले जाने से हादसा हुआ। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि निगम की लापरवाही से हादसा हुआ है। वहीं भारतीय किसान यूनियन ने धरना देकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की।
प्रकाश नगर निवासी राजेश कुमार मंगलवार रात लगभग सवा आठ बजे एक्टिवा स्कूटर लेकर घर से निकले थे। परिजन ने बताया कि दाैरैठा जा रहे थे। शंकरगढ़ की पुलिया स्थित आजमपाड़ा की तरफ सड़क पर बनी पुलिया टूटी है। एक्टिवा का अगला पहिया टूटे हिस्से में चले जाने से राजेश सड़क पर गिरे। उनके सिर में चोट लगी। स्थानीय लोग एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी ले गए, वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पता चलने पर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पुलिया टूटी होने की वजह से घायल होने पर मृत्यु हुई है। परिजन तहरीर देंगे तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों पर कार्रवाई और परिवार के लिए मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी पर भारतीय किसान यूनियन भानू के पदाधिकारी स्थानीय लोगों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रदेश अध्यक्ष (मजदूर मोर्चा) अभिषेक चाैहान का कहना था कि पुलिया 6 महीने से टूटी है। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम में शिकायत की। मगर, सुनवाई नहीं हुई। कोहरे के कारण कई बार लोग घायल हो चुके हैं। गाड़ियां फंसने से हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। दोषियों पर कार्रवाई की जाए। पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शाम तक धरना भी दिया।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
राजेश कुमार घर में ही जूता कारखाना चलाते थे। उनके तीन बच्चे हैं। इनमें 23 साल की बेटी दीपा एमए कर रही है। दूसरी बेटी प्रिया बीए की छात्रा है। 18 वर्षीय बेटा समीर कक्षा 12 का छात्र है। परिजन ने बताया कि पुलिया को सही नहीं कराया गया, जिस वजह से हादसा हो गया। तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी बबीता पति की माैत से बेसुध हो गईं। उन्हें परिवार के लोग किसी तरह संभाल रहे हैं।