मुगल शहंशाह अकबर द्वारा तामीर कराए गए आगरा किला के प्रवेश द्वार पर पर्यटकों के लिए सुविधा केंद्र का निर्माण नहीं हो पाएगा। किले के गेट पर एएसआई ने रक्षा संपदा विभाग से लीज पर जमीन ली है, जिस पर स्थायी निर्माण के लिए रक्षा संपदा विभाग ने अनुमति नहीं दी है।
सिकंदरा स्थित अकबर के मकबरे की तर्ज पर एएसआई आगरा किला में भी सुविधा केंद्र बनाना तय कर चुकी थी, लेकिन इसकी जिम्मेदारी एनपीसीसी (नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड) को दी गई।
एनपीसीसी किले के गेट के सामने ही इसके निर्माण की योजना बना लाया, जिसकी अनुमति ही अब नहीं मिल रही है। किले के गेट के सामने मंटोला नाले से सटी रक्षा संपदा विभाग की जमीन है। यह लीज पर ली गई है। एएसआई ने किले के अंदर मौजूद टिकट काउंटर को यहां शिफ्ट किया था।
बजट पहले जारी, लेकिन अनुमति ली नहीं
संस्कृति मंत्रालय ने ताजमहल, आगरा किला, अकबर का मकबरा, फतेहपुर सीकरी समेत स्मारकों के पास फैसिलिटी सेंटर बनाने के लिए बजट पहले जारी कर दिया, लेकिन जमीन और पर्यावरण संबंधी अनुमतियां नहीं ली है। गेट पर ही अस्थाई टिकट काउंटर बनाया गया है, लेकिन एनपीसीसी यहां स्थायी फैसिलिटी सेंटर बनाना चाहता है, जिसकी अनुमति नहीं मिल रही।
ताज हेरिटेज कॉरीडोर बना रहा था एनपीसीसी
देश की राजनीति में भूचाल लाने वाले चर्चित ताज हेरिटेज कॉरीडोर मामले में एनपीसीसी ने निर्माण कार्य के लिए अनुमति नहीं ली थी, लेकिन झूठा बोर्ड लगा दिया कि सुप्रीम कोर्ट से अनुमति के बाद कॉरीडोर का काम किया जा रहा है। एनपीसीसी का यही बोर्ड हलचल मचा गया। मामला उछला तब इस बोर्ड पर लिखी सुप्रीम कोर्ट की अनुमति की बात मिटाई गई, लेकिन तब तक कॉरीडोर का निर्माण कार्य ही बंद करा दिया गया था।