मैनपुरी। जिले के प्राथमिक विद्यालय घुराई में तैनात प्रधानाध्यापिका को फर्जी अभिलेखों से नौकरी करने के मामले में शिक्षा विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है। प्रधानाध्यापिका जिले में वर्ष 1999 से नौकरी कर रही थीं।
प्राथमिक विद्यालय घुराई में तैनात प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी पुत्री महाराज सिंह की किसी ने फोन पर बीएसए से अगस्त में शिकायत की। इसमें बताया कि वे पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमृतपुर विकास खंड जैथरा में तैनात प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी पुत्री महाराज सिंह यादव के नाम से नौकरी कर रही हैं। बीएसए ने इस पर उन्हें 25 अगस्त को नोटिस जारी कर 28 अगस्त को कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए। लेकिन प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी बीएसए कार्यालय में उपस्थिति नहीं हुईं। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका के अभिलेखों की जांच कराई।
जांच में पता चला कि प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी के अभिलेख फर्जी हैं और वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय जैथरा में तैनात प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी पुत्री महाराज सिंह यादव के नाम से जारी फर्जी अभिलेखों से नौकरी कर रही हैं। सोमवार को जिला चयन समिति के सामने प्राथमिक विद्यालय घुराई पर तैनात प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी को उपस्थित होने के लिए बुलाया गया था। लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। इसके बाद जिला चयन समिति में शामिल बीएसए विजय प्रताप सिंह, सुमन यादव प्रधानाचार्य राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मैनपुरी, डीएम की ओर से नामित सदस्य सुनीता देवी शिक्षक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मैनपुरी ने उनकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्र से हुआ खुलासा
प्राथमिक विद्यालय घुराई की प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी के शैक्षिक अभिलेखों की जांच करने जब खंड शिक्षाधिकारी मैनपुरी बीएसए कार्यालय एटा पहुंचे तो पता चला कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमृतपुर में तैनात प्रधानाध्यापिका भी विमलेश कुमारी पुत्री महाराज सिंह के नाम से नौकरी कर रही हैं। एक नाम से दो-दो प्रधानाध्यापक की बात सामने आई तो खंड शिक्षाधिकारी मैनपुरी और बीएसए एटा ने दोनों के शैक्षिक अभिलेखों का मिलान किया। दोनों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट सहित सारे अभिलेख भी एक ही नंबर से थे।
इसके बाद खंड शिक्षाधिकारी विमलेश कुमारी द्वारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट करने वाले विद्यालय लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज जैथरा पहुंचे। यहां के प्रधानाचार्य से विमलेश कुमारी के संबंध में जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने कॉलेज की एक समिति गठित कर पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमृतपुर में तैनात विमलेश कुमारी पुत्री महाराज सिंह यादव निवासी शास्त्री नगर जैथरा के अभिलेख सही हैं। जबकि प्राथमिक विद्यालय घुराई विकास खंड घिरोर पर तैनात प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी के अभिलेख फर्जी हैं। उन पर दर्ज प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर और मोहर भी फर्जी है।
एक ने 1996 तो दूसरी ने 1999 में पाई नौकरी
पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमृतपुर विकास खंड जैथरा जनपद एटा में तैनात प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी की नियुक्ति छह दिसंबर 1996 को हुई थी। जबकि प्राथमिक विद्यालय घुराई विकास खंड घिरोर जनपद मैनपुरी में तैनात प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी की नियुक्ति 20 मार्च 1999 में घिरोर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय गुलाबपुर में शिक्षिका के रूप में हुुई थी।
खंड शिक्षाधिकारी को दिए रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने प्राथमिक विद्यालय घुराई की प्रधानाध्यापिका की सेवा समाप्ति के बाद उनके विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश खंड शिक्षाधिकारी घिरोर को दिए हैं।
प्राथमिक विद्यालय घुराई की प्रधानाध्यापिका विमलेश कुमारी एटा में तैनात प्रधानाध्यापिका के अभिलेखों से नौकरी कर रही थीं। उनकी सेवा समाप्त करते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। विजय प्रताप सिंह, बीएसए