मैनपुरी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनाने के लिए हुए भूमि अधिग्रहण की जांच शुरू होने के बाद जिला प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई है। जांच एजेंसी द्वारा मांगे गए डाटा को जुटाने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। शुक्रवार को विभागीय कर्मचारी दिनभर जमीन अधिग्रहण से जुड़ी फाइलों को खंगालते रहे। कवायद इस बात को लेकर ज्यादा है कि कहीं एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहीत जमीन का हाल ही में तो किसी ने बैनाम नहीं कराया था। जांच शाखा ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर एक्सप्रेस वे से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का जिले में साढ़े 25 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। मैनपुरी में करहल के पास से एक्सप्रेस वे गुजरा हुआ है। बड़ी संख्या में करहल के किसानों की जमीन एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण में अरबों रुपये के घोटाले की आशंका पर जांच शुरू होते ही मैनपुरी से भी डाटा तैयार किया जा रहा है। मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन कानपुर कर रही है।
संगठन के पुलिस अधीक्षक बाबूराम ने जिलाधिकारी मैनपुरी को पत्र भेजकर जिले में एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि के बारे में पूरा डाटा मांगा है। इसमें जानकारी मांगी गई है कि एक्सप्रेस वे के लिए कितनी भूमि अधिग्रहीत की गई। किन-किन किसानों से भूमि ली गई और उन्हें कितना मुआवजा मिला। किसानों का पूरा पता भी प्रशासन से मांगा गया है। इसके साथ ही अन्य कई विस्तृत जानकारियां भी मांगी गई हैं। पत्र आने के बाद प्रशासन ने डाटा जुटाना शुरू कर दिया है, लेकिन ये जानकारी जुटाने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। जांच शाखा द्वारा मांगी गई कई जानकारियां निबंधन विभाग से जुड़ी हुई हैं।
निबंधन कार्यालय बताएगा कब हुए बैनामे
आर्थिक अपराध अनुसंधान कानपुर पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक्सप्रेसवे में भूमि अधिग्रहण से एक वर्ष पहले तक हुए भूमि के बैनामों की जानकारी मांगी गई है। इसके पीछे मंशा ये जानने की है कि कहीं मूल किसानों से ये जमीन पहले क्रय तो नहीं कर ली गई थी। ये जानकारी निबंधन कार्यालय द्वारा जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी।
जांच के संबंध में भी देनी होगी सूचना
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण में जिला स्तर पर भी कई लोगों द्वारा पूर्व में शिकायत करने के मामले सामने आए हैं। इस पर जांच शाखा ने ये भी स्पष्ट करने का कहा है कि अगर पूर्व में कोई शिकायत आई तो उस पर क्या जांच हुई। जांच रिपोर्ट समेत पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
मीडिया से मामले की जानकारी हुई है। जांच के संबंध में कोई अधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। शासन स्तर से जो भी जानकारी मांगी जाएगी उसे समय से उपलब्ध कराया जाएगा।
महेंद्र बहादुर सिंह, जिलाधिकारी
हाईलाइर्ट्स
25.400 किलोमीटर है जिले में एक्सप्रेस वे की लंबाई
77.300 माइल स्टोन से है जिले की सीमा की शुरुआत
102.700 माइल स्टोन पर समाप्त होती है जिले की सीमा