धमाका होने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के मैनपुरी जिले के बेवर थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर गढ़िया में मंगलवार सुबह विस्फोट की तेज आवाज से दहल उठा। गांव में बंद कमरे में तेज धमाका हुआ, जिससे मकान की दीवार और छत ढह गई।
हादसे में दो लोग घायल हो गए। इस दौरान दो किलोमीटर दूर लोगों को धमाके ही गूंज सुनाई दी, जिससे लोग दहशत में आ गए। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है। सीओ ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
गांव किशनपुर गढ़िया निवासी किसान रूपलाल शाक्य के मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। मकान भी लगभग खंडहर सा हो चुका था। मंगलवार सुबह मकान के अंदर खाली पडे़ कमरे को पुत्र ऋषि तोड़ रहा था।
धमाके के बाद पहुंची पुलिस
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छोटा भाई गौरव और पड़ोसी रीतेश वहां खडे़ हुए थे। कमरे को तोड़ते समय जब एक दीवार गिरी तभी तेज धमाका हुआ और कमरे की बाकी दीवार व छत उड़ गई।
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि कमरे के दरवाजे फटकर मकान से करीब पांच सौ मीटर दूर जा गिरे। धमाके की चपेट में आकर रीतेश और गौरव घायल हो गए।
धमाके की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से जिला अस्पतला रेफर कर दिया गया।
विस्फोट की जद में आकर रीतेश की आंखे बुरी तरह से झुलस गईं थी। वहीं गौरव को भी काफी चोटें लगीं थीं। पुलिस और फोरेंसिक की टीम भी घटनास्थल पहुंच गई। सीओ परमानंद पांडेय ने भी मौके का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई।
हथगोला फटने से तो नहीं हुआ धमाका
किशनपुर गढ़िया में एक मकान में हुए धमाके के बाद लोग तमाम तरह के कयास लगा रहे हैं। धमाके की तीव्रता को देखकर कहा जा सकता है कि विस्फोटक कोई हथगोला भी हो सकता है।
सवाल उठता है कि तकरीबन खंडहर हो चुके मकान के बंद कमरे में बम या अत्याधिक तीव्रता वाला विस्फोटक किसने और क्यों रखा। इन सवालों के जवाब पुलिस भी तलाश रही है। वहीं चर्चा हैं कि किसी ने हथगोला छिपाकर रखा था।
किशनपुर गढ़िया में धमाके के बाद पुलिस किसी भी तथ्य को नजरंदाज नहीं कर रही है। मकान स्वामी से पूछताछ करने के साथ ही उसके पुत्रों से भी जानकारी जुटा रही है। साफ है कि जिस तरह का धमाका हुआ है वह कोई आतिशबाजी का बम नहीं था।
कहीं अपराधियों का ठिकाना तो नहीं
तमाम तरह के कयासों के बीच कुछ लोगों का मानना है। हो सकता है कि बंद मकान को बदमाशों ने अपना ठिकाना बना लिया हो, उन्हीं ने इतनी तीव्रता वाला विस्फोटक कमरे में छिपाकर रखा हो।
घटना के बाद से गांव में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। फिलहाल पुलिस विस्फोट के पीछे की सच्चाई के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है। मैनपुरी के एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि कमरे को तोड़ने का काम चल रहा था।
तभी दीवार गिरते ही तेज धमाका हुआ। धमाका किन कारणों से हुआ, कौन सा विस्फोटक था? इस बारे में फोरेंसिक टीम जानकारी जुटा रही है। घटनास्थल से नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।