वेद नगर, कबाड़ बस्ती में धर्म परिवर्तन कार्यक्रम के बाद सियासी पारा चरम पर है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी खुलकर सामने आ गया है।
‘घर वापसी’ के पक्षधर संघ ने धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की है, तो सपा, बसपा और कांग्रेस पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।
हैदराबाद के सांसद असद उद्दीन ओबैसी और प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खां को इनका संरक्षक तक करार दे डाला।
ब्रज प्रांत प्रचारक दिनेश ने कहा कि हिंदूवादी संगठन धर्मांतरण नहीं बल्कि घर वापसी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण तो विदेशी ताकतें लालच देकर पूर्वोत्तर के हिंदुओं का करा रही हैं।
यही ताकतें बांग्लादेशियों की घुसपैठ भी करा रही हैं। घर वापसी उनकी कराई जाती है, जिन्होंने पूर्व में कभी भय, लोभ या भ्रमवश धर्म परिवर्तन किया। ऐसे लोगों को संवैधानिक तरीके से सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। कई संस्थाएं यह काम कर रही हैं। इनको अकेला भी नहीं छोड़ा जाता। उनके रोटी-बेटी के संबंध भी स्थापित कराए जाते हैं।
उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर हमला बोला कि ये पार्टियां बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोटबैंक समझकर उनके नागरिकता, वोटर कार्ड, राशन कार्ड बनवा रही हैं। यह भी कि सांसद असद उद्दीन ओबैसी और प्रदेश के मंत्री आजम खां जैसे नेता इन बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देते हैं।
प्रांत प्रचारक ने घुसपैठियों को चिह्नित कर इनकी नागरिकता समाप्त करने और देश से बाहर करने की मांग की।
‘धर्मांतरण कराने वाले की नागरिकता की जांच हो’
संघ के ब्रज प्रांत प्रचारक दिनेश ने यह कह कर भी चौंका दिया कि कबाड़ बस्ती के धर्मांतरण मामले में वाल्मीकि समाज के जिस व्यक्ति (नंदकिशोर वाल्मीकि) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उसकी नागरिकता की भी जांच होनी चाहिए। बता दें, अब तक नंदकिशोर वाल्मीकि को आरएसएस के ही प्रकल्प धर्म जागरण के प्रांत संयोजक के रूप में जाना जाता था।