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महताब बाग में ‘उत्खनन’ का बड़ा खेल 

Fri, 27 May 2016 01:48 AM IST
अमित कुलश्रेष्ठ
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मेहताब बाग - फोटो : demo
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ताजमहल के साए तले महताब बाग में इंटरनेशनल एनजीओ वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड उत्खनन के नाम पर बड़ा ‘खेल’ खेल रहा है। इसने पहले ताजमहल और फतेहपुर सीकरी के कथित संरक्षण का दावा कर दुनिया भर से डोनेशन बटोरा और अब वेबसाइट पर महताब बाग के उत्खनन की फोटो और डिटेल डालकर डोनेशन मांग रहा है। जबकि 20 वर्ष पहले एएसआई उत्खनन कर महताब को सामने ला चुका है। 
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दरअसल, दो साल पहले एनजीओ वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड ने दो करोड़ रुपये देने का वादा कर एएसआई के साथ एमओयू साइन किया था। लेकिन बाद में यह करार केवल डाक्यूमेंटेशन तक सीमित रह गया। कागजी काम से जुड़े एनजीओ ने उत्खनन का दावा कर वेबसाइट के माध्यम से डोनेशन मांगना शुरू कर दिया है। वह भी उन कामों के लिए जो एएसआई के तत्कालीन अधीक्षण पुरातत्वविद पीबीएस सेंगर 20 साल पहले करा चुके थे। एएसआई अपने सभी उत्खनन की डाक्यूमेंटेशन रिपोर्ट खुद ही तैयार करता है। इस संबंध में एनजीओ प्रभारी अमिता बेग ने किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए फोन बंद कर लिया। 
1996 में निकल चुकी है बारादरी
पहले 1993 फिर 1996-97 में हुए महताब बाग के उत्खनन में चार जगहों पर खोदाई कराई गई। इसमें पूर्वी हिस्से, उत्तरी दीवार, सेंट्रल एरिया और अष्टकोणीय फव्वारे वाली जगह शामिल है। पूर्वी दिशा में 4.25×4.25 मीटर हिस्से के चतुर्भुज टुकड़े बनाकर उत्खनन हुआ। यहां 25.75 मीटर लंबी और 4.80 मीटर चौड़ी बारादरी के अवशेष निकले। लाखौरी ईंटों और लाइम मोर्टार से बनी बारादरी में तीन आर्च वाला बरामदा और 1.25 मीटर चौड़ी दीवार के अवशेष मिले। पूर्वी और पश्चिमी ओर बारादरी के साथ उत्तरी दीवार पर गेटवे भी मिला। 
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पश्चिमी बारादरी पर बना है टिकट विंडो
पूर्वी ओर की बारादरी की तरह पश्चिमी छोर पर भी बारादरी का अनुमान है, जहां अब टिकट विंडो है। उस समय उत्खनन में सेंट्रल एरिया में 32 क्वाडरेंट बनाकर सेंट्रल टैंक निकाला गया। 1.65 मीटर गहरे टैंक में ग्लैज्ड टेराकोटा पाइप लाइन मिली। उसी दौरान 1469.79 वर्ग मीटर क्षेत्र में मुख्य अष्टकोणीय फुव्वारे की खोज हुई। इसके फुव्वारे संगमरमर से बने थे। महताब बाग का उत्खनन कराने वाले एएसआई पूर्व निदेशक पीबीएस सेंगर के मुताबिक, मौजूदा अष्टकोणीय टैंक चार मीटर तक गहरा है। यमुना किनारे होने से यहां बाढ़ का खतरा बरकरार है। पहले भी बाग के उत्खनन में यमुना की बाढ़ से आई रेत मिली थी।
उत्खनन में तब ये अधिकारी थे शामिल
1996-97 में महताब बाग के उत्खनन में तत्कालीन अधीक्षण पुरातत्वविद पीबीएस सेंगर, पीके शरन, एसएन केसरवानी, जीएन श्रीवास्तव, ओडी शुक्ला, वीएन प्रभाकर, पीके दीक्षित, आरके तिवारी, एसके कुलश्रेष्ठ, सीबी सिंह, वाईके शर्मा, आरएस बालोदी, एनपी श्रीवास्तव शामिल रहे थे। 
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