एडीए में फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र के सहारे टेंडर पाने की कोशिश के मामले में ठेकेदार को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट किए जाने पर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ता पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष नागेंद्र दुबे गामा ने रिकवरी के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) में फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र (सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट) के सहारे टेंडर हथियाने की कोशिश करने वाले ठेकेदार पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। प्रकरण की शिकायत करने वाले भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष नागेंद्र दुबे गामा ने अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि संगीन मामला सामने आने के बाद भी एडीए के जिम्मेदार अधिकारियों ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बजाय उसे सिर्फ ब्लैकलिस्ट करने की कागजी खानापूर्ति कर मामला दबाने की कोशिश की है।
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गामा का कहना है कि वह प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम अरून्मोली से मुलाकात कर गंभीरता से जांच की मांग करेंगे। बता दें, सलोनी कॉम्प्लेक्स, कलवारी स्थित फर्म मेसर्स एएस इंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर सरिता मिश्रा पर आरोप है। दावा किया जा रहा है कि आरोपी फर्म मालिक सरिता मिश्रा ने पंजीकरण के लिए जो दस्तावेज एडीए में जमा किए उसमें डीएम कार्यालय का फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र लगा दिया। इसमें जारी होने की तिथि और वैधता की तारीखों में बदलाव किया गया था। यही नहीं, असल प्रमाणपत्र में दर्ज 13.70 लाख की हैसियत को भी बढ़ाकर 18 लाख लिखकर डी की बजाय सी श्रेणी में पंजीकरण कराते हुए टेंडर के लिए आवेदन किया गया।
इस प्रकरण की जब गामा दुबे ने शिकायत की तो विभागीय जांच कराई गई। शिकायत पर ऑनलाइन दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, तो कूटरचित तरीके से प्रमाणपत्र के जारी होने की मूल तिथि और उसमें दर्ज धनराशि में बड़े पैमाने पर हेरफेर पाई गई। पंजीकरण नियमावली के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियंता संजीव कुमार ने मेसर्स एएस इंटरप्राइजेज को तत्काल प्रभाव से आगामी तीन साल के लिए प्राधिकरण की सभी निविदा प्रक्रियाओं में प्रतिभाग करने से डिबार कर दिया। हालांकि फर्जीवाड़ा करने पर विधिक कार्रवाई नहीं की। गामा दुबे ने कहा कि अगर फर्जीवाड़े से अर्जित सरकारी धन को वापस नहीं वसूला गया, तो वह इस पूरे भ्रष्टाचार के खिलाफ शासन स्तर तक मुख्यमंत्री से गुहार लगाएंगे और प्रशासनिक लीपापोती करने वाले एडीए अधिकारियों की भी शिकायत करेंगे।