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Kasganj: युवक को जिंदा जलता देख निकल गई हर किसी की चीख, आग लगने से पहले हुआ तीन बार ब्लास्ट

Fri, 06 Jan 2023 03:56 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर कासगंज-फर्रुखाबाद एक्सप्रेस की बोगी पर युवक अशोक जिंदा जल गया था। वह बोगी पर एक महिला की चप्पल उतारने के लिए चढ़ा था, तभी विद्युत लाइन की चपेट में आ गया था।
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बोगी पर जिंदा जल गया युवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कासगंज रेलवे स्टेशन पर गुरुवार शाम को हुए खौफनाक हादसे को देखकर यात्रियों के रोंगटे खड़े हो गए थे। ट्रेन की बोगी पर जिंदा युवक को जलता देख यात्री सिहर उठे। स्टेशन पर चीख पुकार और अफरा तफरी मच गई। लोग चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। हर कोई दहशत में था। सैकड़ों यात्री इस खौफनाक हादसे के चश्मदीद बने। कुछ यात्री इस हादसे के वीडियो शूट करने में जुटे थे। आग लगने से पहले तीन बार ब्लास्ट हुआ।
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर ट्रेन संख्या 05349 कासगंज-फर्रुखाबाद एक्सप्रेस की बोगी पर युवक अशोक जिंदा जल गया था। वह बोगी पर एक महिला की चप्पल उतारने के लिए चढ़ा था, तभी विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। हादसा होते ही स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। स्टेशन अधीक्षक ने सबसे पहले कंट्रोल को हादसे की जानकारी देते हुए ओएचई लाइन में सप्लाई बंद करने को कहा, लेकिन सप्लाई बंद होने में भी 10 से 15 मिनट का समय लग गया। 

तब तक युवक का शरीर धूं-धूं कर जलता रहा। मृतक युवक अशोक के साथ कार्य करने वाले साथी वेंडर भी घटना से बुरी तरह घबरा गए और मदद के लिए चीख पुकार करने लगे, लेकिन मदद का कोई रास्ता नहीं था। लोगों ने अग्निशमन उपकरणों के माध्यम से शरीर से निकल रही लपटों को बुझाने की कोशिश की, लेकिन करंट प्रवाहित रहने तक कोई सफलता नहीं मिली। बाद में लाइन की आपूर्ति बंद होने पर आग की लपटें शांत हो सकीं। इसके बाद उसका शव नीचे उतारा गया। 
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आटा गूंथते हुए छोड़ गया था अशोक

हादसे का शिकार हुआ युवक अशोक के चचेरे भाई अंशुल ने बताया कि वह अशोक कैंटीन में आटा गूंथते हुए छोड़ गया था। पूड़ी बनाने के लिए आटा तैयार किया जा रहा था। तभी अशोक कैंटीन से बाहर निकल गया और यात्री की चप्पल छुड़ाने चला गया। अंशुल घर चला गया था, लेकिन हादसे की जानकारी पर वह स्टेशन पहुंचा। उससे पहले ही चचेरे भाई की मौत हो गई थीं।

फर्रुखाबाद निवासी यात्री राहुल ने बताया कि जब ट्रेन की बोगी पर युवक जल रहा था उस समय कोई कुछ भी कर पाने में असमर्थ था। करंट लगते ही युवक की चीख सुनाई दी उसके बाद ही चीख बंद हो गई और तेज लपटें उठ रहीं थीं। रेलकर्मी सतेंद्र यादव ने बताया कि  अशोक एक महिला यात्री की चप्पल छुड़ाने के लिए बोगी पर चढ़ गया था। उसे करंट का एहसास नहीं था। अचानक लाइन से तेज ब्लास्ट की आवाज आई। तब ध्यान बोगी की ओर गया तो अशोक का शरीर जल रहा था। 
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