शहर की 37 फीसदी आबादी हो चुकी है तंबाकू की आदी
खतरा
- 6-8 साल तक तंबाकू-सिगरेट के शौकीन रहे लोगों में कैंसर का 79 फीसदी खतरा
- एसएन मेडिकल कालेज की रिपोर्ट, 54.72 पुरुष, 16.64 महिलाएं तंबाकू की आदी
धर्मेंद्र त्यागी
कैंसर, जिसे सुनकर दिल बैठ जाए। एक स्टेज पर जाकर तो इलाज भी नहीं है। यह जिंदगी तो खत्म करता ही है, आर्थिक मौत भी देता है। लेकिन खतरा जानकर भी लोग अनजान बने हैं। एसएन मेडिकल कालेज की हाल की स्टडी बताती है कि शहर की 37 फीसदी आबादी तंबाकू की आदी हो चुकी है। इनमें हर छठा शख्स प्री कैंसर का शिकार है।
सोशल प्रिवेंटिव मेडिसिन (एसपीएम) विभाग ने शहर की मिश्रित आबादी में 1234 लोगों पर स्टडी की। इसमें 558 महिलाएं, 676 पुरुष रहे। 54.72 फीसदी पुरुष और 16.30 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू की आदी मिली। कुल आबादी की बात करें तो शहर में ये संख्या 37.50 फीसदी है। स्टडी में पांच साल से अधिक समय तक तंबाकू खाने वाले शामिल किए गए। एसपीएम विभागाध्यक्ष डा. एसके मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट बताती है कि तंबाकू से कैंसर होता है, अधिकांश ये जानते हैं, फिर भी उसे खाना नहीं छोड़ते। आठ से अधिक साल तक तंबाकू खाने वालों में कैंसर का खतरा 47 फीसदी है। सिगरेट पीते हैं तो यह 79.66 फीसदी हो जाता है।
- 16.43 फीसदी में पोटेंशियल मैलिगनेंट डिसआर्डर (प्री कैंसर भी कह सकते हैं) के लक्षण रहे। टीबी, सांस रोग, हृदय रोग से भी पीड़ित मिले। तंबाकू से परहेज और इस स्टेज पर इलाज मिल जाए तो कैंसर से होेने वाली मौत टाली जा सकती हैं - डा. अभिषेक कुमार, शोधार्थी
बाली उमर में लग गया रोग
स्टडी में पाया कि तंबाकू खाने वालों में अधिकांश को लत 10-19 साल की आयु में लगी। ऐसी संख्या 49.53 प्रतिशत रही। वजह, शौक बना। 25-44 साल में 42.09 लोगों ने तंबाकू खाना शुरू किया, जिसके कारण दोस्त या आफिस की संगत रही।
तंबाकू में घातक रसायन
तंबाकू में बेंजीपायरीन, टार, एरिकोलाइन जैसे खतरनाक रसायन होते हैं। इसमें एरिकोलाइन ऐसा तत्व है जो चूने के साथ मिलकर और खतरनाक हो जाता है। एरिकोलाइन सुपाड़ी में पाया जाता है। पान में सिंथेटिक कत्था का प्रयोग किया जाने लगा है।
प्री-कैंसर के ये मिले लक्षण (प्रतिशत में)
मुंह का कम खुलना 10.61
मुंह में सफेद दाग 5.10
मुंह में लाल दाग 0.72
ये खाने में करते हैं प्रयोग (प्रतिशत में)
गुटखा 69.76
खैनी 20.69
पान 9.30