आगरा। आवास विकास परिषद की कॉलोनियों में बड़े पैमाने पर निर्माण नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। उच्चतम न्यायालय की सख्ती के बाद परिषद ने अवैध निर्माण का सर्वे शुरू किया तो उसमें हर दूसरे भवन में नियमों का उल्लंघन मिला है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक करीब पांच हजार भवन मिले हैं, जिनमें सेट बैक एरिया छोड़ने से लेकर कई अन्य तरह की अनियमितताएं मिली हैं। लंबे समय से निर्माण कार्यों की निगरानी में अनदेखी की वजह से अब परिषद के अधिकारियों के लिए निर्माण को नियमानुसार करना चुनौती बन गया है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश के बाद से ही आवास विकास सक्रिय है। पिछले एक हफ्ते में करीब 1500 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं दो दर्जन पर सीलिंग व आंशिक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। परिषद ने कार्रवाई को आगे बढ़ाने से पहले अवैध निर्माण व नियम तोड़ने वालों को चिह्नित करना शुरू किया तो वह हैरान रह गए। हर दूसरे भवन में नियमों का उल्लंघन मिला। फिलहाल सर्वे में आए इस तथ्य के बाद परिषद के अधिकारियों ने अब उन भवनों को चिह्नित करना शुरू किया है जिनका पूरी तरह से व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है। आंशिक या मिक्स संपत्तियों को अगले चरण में जुर्माना लगाकर कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है।
कई भवन स्वामियों ने समन शुल्क जमा कर निर्माण को नियमित कराने के लिए भी आवेदन कर रखा है। ऐसे में उन आवेदकों के आवेदनों को भी चिह्नित किया जा रहा है ताकि परिषद के फैसले तक उनपर कार्रवाई न की जाए। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार ने बताया कि आवास विकास की सभी कॉलोनियों का चरणबद्ध तरीके से सर्वे कराया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा।