छात्र तो छात्र अब डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन राज्यपाल को भी अंधेरे में रखे हुए है। 2014-15 के रिजल्ट और मार्कशीट जारी करने का उनका दावा झूठा निकला। हालत ये कि दीक्षांत समारोह की गोल्डन गर्ल तक को मार्कशीट नसीब नहीं। अन्य मेडलधारी, छात्रों का हाल भी यही। दिसंबर आने को है लेकिन अभी तक हजारों छात्र मार्कशीट के लिए भटक रहे हैं।
शत-प्रतिशत रिजल्ट और मार्कशीट जारी करने के दावे पर ही राज्यपाल राम नाईक ने दीक्षांत समारोह कराने की इजाजत दी थी, लेकिन हकीकत यह है कि जिन कोर्सों के रिजल्ट घोषित हो चुके हैं, उनकी मार्कशीट तक नहीं प्रिंट कराई जा सकी। समारोह में 107 मेधावियों को मेडल, 410 पीएचडी और 137 को एमफिल की डिग्री दी गई। इसमें मेडिकल की छात्रा चारु यादव को 12 गोल्ड समेत 13 मेडल मिले। इनको अभी तक मार्कशीट नहीं मिली है। चारु ने बताया कि मार्कशीट के लिए कई बार विवि संपर्क किया। समारोह में गोल्ड मेडल पाने वाली सेठ पदमचंद संस्थान की एमबीए छात्रा श्वेता चौहान को भी मार्कशीट नहीं मिली। विश्वविद्यालय में शिकायत करने पर आश्वासन ही मिला। कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि मार्कशीट प्रिंट कराई जा रही हैं, जल्द कालेज पहुंचा दी जाएंगी।
बीते सत्र की 10 हजार मार्कशीट लंबित
विश्वविद्यालय की लापरवाह कार्यप्रणाली से हजारों छात्र परेशान हो रहे हैं। रोजाना शिकायत लेकर आने के बाद भी समस्या जस की तस। विवि अधिकारी मार्कशीट बनाने वाली एजेंसी के पास भेजा जाता, यहां कोई सुनवाई नहीं। बताते हैं 2012, 2013, 2014 सत्र के करीब दस हजार छात्रों को मार्कशीट नहीं मिली।
डिग्री तो भूल ही जाओ
विश्वविद्यालय से डिग्री पाना आसान नहीं। आवेदन करने पर भी यहां सालों डिग्री तैयार नहीं होती। अभी भी यहां विभिन्न सत्रों की 40 हजार आवेदन लंबित हैं। डिग्री को आवेदन कर चुकी राखी ने बताया कि उन्होंने 2014 में आवेदन किया, अभी तक डिग्री नहीं मिली, पूछने पर घर भिजवाने की बात कहते हैं।