इलेक्ट्रिक वाहन को प्रोत्साहन के लिए शासन के स्तर से सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यह बात अलग है कि सब्सिडी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसकी वजह संभागीय परिवहन विभाग को धनराशि आवंटन न होना है। वर्तमान में करीब 744 ई-वाहन स्वामियों को सब्सिडी मिलने का इंतजार है।
पिछले पांच साल में ई-वाहनों की बिक्री का ग्राफ एकदम से बढ़ा है। इसकी एक वजह सब्सिडी मिलना भी है। ई-वाहन खरीद के बाद एजेंसी की तरफ से सब्सिडी के लिए मेल आरटीओ को भेजा जाता है। इसके बाद आरटीओ के स्तर से कागजों का सत्यापन कर वाहन स्वामी के बैंक खाते में सब्सिडी भेज दी जाती है। वर्तमान में करीब 744 ई-वाहन स्वामियों को सब्सिडी का इंतजार है, जिसमें 219 कार और 525 दो पहिया वाहन हैं। कार पर करीब एक लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
इसी तरह अन्य वाहनों को भी कीमत की करीब 10 फीसदी सब्सिडी मिलती है। ऐसे में 2 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी अटकी हुई है। एआरटीओ (प्रशासन) विनय कुमार सिंह ने बताया कि सब्सिडी की धनराशि शासन के स्तर से भेजी जाती है। उसके बाद ई-वाहन स्वामियों को दी जाती है। पिछले कुछ माह से धनराशि न आने की वजह से देरी हो रही है।