यमुना एक्सप्रेसवे और जेपी टाउनशिप से प्रभावित किसानों का अतिरिक्त मुआवजा शासन के निर्णय में फंस गया है। बुधवार को तहसील प्रशासन, यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण और जेपी ग्रुप के अधिकारियों के साथ किसानों की बैठक हुई।
एसडीएम पीडी गुप्ता ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे और जेपी टाउनशिप का मुआवजा किसानों को पहले मिल चुका है। उन्हें 64.10 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित भूमि चाहिए। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के डिप्टी सीओ अक्षयलाल यादव ने कहा कि किसानों को दिए जाने वाले अतिरिक्त मुआवजे की धनराशि जेपी ग्रुप को देनी है। इसके बाद ही किसानों को यह मुआवजा मिल सकेगा। जेपी ग्रुप के आरबी सिंह और ब्रिगेडियर पीके सहगल ने कहा कि 2008 में जब भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की गई तो तब अतिरिक्त मुआवजे की कोई शर्त नहीं थी। एसडीएम ने बताया कि जेपी ग्रुप और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बीच का मामला शासन में पहुंच गया है। अब शासन के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। जेपी ग्रुप के अधिकारियों ने कहा कि शासन के निर्णय का अनुपालन किया जाएगा। बैठक में तहसीलदार कुमार संजय, नायब तहसीलदार ड. गजेन्द्र पाल सिंह समेत किसान भी मौजूद रहे।