जल्द ही शहर की सड़कों पर स्कानिया कंपनी की लग्जरी सिटी बसें दौड़ती नजर आएंगी। यह पेट्रोल, डीजल से नहीं इथेनॉल से चलेंगी। यह अन्य ईंधनों की तुलना में न केवल सस्ती है, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी सहायक है। यह जानकारी मंगलवार को होटल अमर में निगम व कंपनी के अधिकारियों ने दी।
ताजमहल के कारण आगरा को टीटीजेड में रखा गया है। प्रदूषण के कारण शहर में डीजल चलित भारी वाहनों पर पहले ही रोक लगा दी गई है। प्रदेश सरकार बसों के संचालन को लेकर भी संजीदा है। निर्देश पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने ईको फ्रैंडली बसें उतारने की योजना बनाई। इसी के तहत स्कानिया कंपनी से समझौता किया। प्रथम चरण में आगरा-लखनऊ को चुना गया है। करीब सौ बसें शुरू करने की योजना है। ये बसें बायो डीजल या इथेनॉल से चलेंगी।
गौरतलब है कि वर्तमान में चार स्कानिया मेट्रो लिंक बस आगरा-लखनऊ, लखनऊ-गोरखपुर, लखनऊ-दिल्ली रूट पर संचालित की जा रही हैं।
आगरा में लगेगा प्लांट
देश में उत्तर प्रदेश गन्ने का बड़ा उत्पादक प्रदेश है। यहां पर शुगर मिल भी काफी हैं। इन्हीं शुगर मिल में इथेनॉल भी निकाला जाता है। इसे आगरा में फिल्टर करने के लिए प्लांट लगाया जाएगा।
नागपुर में चल रहा है प्रोजेक्ट
स्कानिया नागपुर में अगस्त 2014 से पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिटी बसों का संचालन कर रही है। यह बसें भी इथेनॉल से संचालित हो रही हैं। इसका खर्चा बाकी के अन्य ईंधनों से काफी सस्ता है।
स्कानिया की सेवाएं अच्छी मिली हैं। ये बसें पूरी तरह से प्रदूषण रहित है।
- एके झा, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम
हम जल्द ही इथेनॉल से चलने वाली बसों को चलाएंगे। सरकार से लखनऊ-आगरा में इसे संचालित करने पर बात चल रही है।
शिव कुमार वी, डायरेक्टर सेल्स, स्कानिया व्हीकल्स