जलेसर थाना क्षेत्र के गांव नगला चांद में 15 मार्च की सुबह स्नातक के छात्र की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में एक एसआई और दो सिपाही निलंबित किए गए हैं। छात्र की मौत के बाद परिजन ने जमकर हंगामा किया था। मौके से छात्र के शव को नहीं उठाने दिया जा रहा था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने परिजनों को ठोस कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
एकतरफा कार्रवाई ने बढ़ा दिए आरोपियों के हौसले
नगला चांद में सोमवार को प्रदीप का आरोपियों से झगड़ा हुआ था। दोनों पक्ष शिकायत लेकर थाने पहुंचे। प्रदीप पर तो रिपोर्ट दर्ज कर ली गई, लेकिन दूसरे पक्ष पर कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि प्रदीप के परिजन को थाने से फटकार कर भगा दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों ही पक्षों पर पुलिस ने समय से सख्त कार्रवाई कर दी होती तो शायद यह हत्या नहीं होती।
ये बोले परिजन
मंगलवार को हत्याकांड के बाद मृतक प्रदीप के चाचा लाखन सिंह ने बताया कि सोमवार को पूर्व प्रधान देवेंद्र पक्ष से प्रदीप का झगड़ा हुआ था। इसके बाद परिजन तहरीर लेकर कोतवाली गए, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए कोतवाली से भगा दिया गया। अगर सोमवार को रिपोर्ट दर्ज हो जाती तो मंगलवार को यह हत्याकांड नहीं होता। सोमवार सुबह भी आरोपियों ने उसके परिवार से झगड़ा किया था।
नहीं हुआ भंडारा
एक सप्ताह पहले चंदे से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ था। मंगलवार को भंडारा होना था। इस दौरान सोमवार शाम से ही भंडारे की तैयारियां चल रही थीं। प्रदीप व उसके परिजन भी उसकी तैयारी में लगे थे। मंगलवार को वहां सन्नाटा पसरा रहा।
छात्र हत्याकांड में एक एसआई और दो सिपाही निलंबित
इस मामले में शुरूआती तौर पर गलती मानते हुए थाने के एसआई ओंकार सिंह और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं मृतक के परिजन ने मंगलवार रात के समय पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस हत्याकांड के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।