हर्षित मिश्रा ने अपने एक अन्य साथी सामर्थ पुंढीर को कमीशन देकर हथियार सप्लाई कराने की जिम्मेदारी सौंप रखी थी। हर्षित मिश्रा और सामर्थ पुंढीर पुलिस के हत्थे चढ़ गए और उनके मोबाइल को खंगाला गया तो सोशल मीडिया एकाउंट मिला। लापता हुए तीनों किशोर के फोटो मिले। हर्षित मिश्रा और सामर्थ पुंढीर को जेल भेजने के बाद पुलिस तीनों किशोरों की तलाश में जुट गई। पुलिस ने उनका नंबर सर्विलांस पर लगा दिया।
तीनों शातिर दिमाग किशोरों ने सामर्थ पुंढीर से हथियार खरीदने का सौदा तय किया था, लेकिन माल समय पर नहीं मिलने की वजह से बिना हथियारों के ही फरार हो गए। जिस दिन फरार हुए थे, उसी दिन टूंडला में एक बाइक और मोबाइल लूटा था। इसका मुकदमा दर्ज है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि पापा गैंग बनाने के बाद उसमें किशोरों को शामिल करने के लिए झांसा देते थे।
एएसपी राहुल कुमार ने बताया कि शहर से लापता हुए तीनों किशोर राजस्थान के जयपुर में मिले। तीनों शातिर हैं और फरार होने वाले दिन ही टूंडला में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। पूछताछ में तीनों ने 'पापा गैंग' बनाने की बात भी कबूली है। इस गैंग के बार में जांच की जा रही है।